सर्राफा बाजार में भारी गिरावट, चांदी ₹4,000 सस्ती, सोने के दाम भी लुढ़के

इंदौर  सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. दोपहर 1:42 बजे पर एमसीएक्स पर सोने का दाम 1350 रुपये गिरकर 144330 रुपये पर आ गया है. चांदी भी फिसलकर 4419 रुपये गिरकर 222579 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतें फिसल गई हैं. सोने…

सर्राफा बाजार में भारी गिरावट, चांदी ₹4,000 सस्ती, सोने के दाम भी लुढ़के

इंदौर 

सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. दोपहर 1:42 बजे पर एमसीएक्स पर सोने का दाम 1350 रुपये गिरकर 144330 रुपये पर आ गया है. चांदी भी फिसलकर 4419 रुपये गिरकर 222579 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतें फिसल गई हैं. सोने का भाव 1.45 फीसदी गिरकर 4092 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है. चांदी 2 फीसदी गिरकर 59.125 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। 

हाल के दिनों में लगातार गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में कुछ दिनों से हल्की तेजी देखने को मिली. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल की शुरुआत में बने अपने रिकॉर्ड हाई लेवल तक पहुंचना दोनों कीमती मेटल्स के लिए आसान नहीं होगा। 

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें फिर 98 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं. वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 0.38% बढ़कर 4.675% पर पहुंच गई है. हाई बॉन्ड यील्ड और महंगे कच्चे तेल की वजह से निवेशकों का रुख बदला है, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने को उम्मीद के मुताबिक ज्यादा समर्थन नहीं मिल पा रहा है. इसी वजह से सोने और चांदी की कीमतों में आज गिरावट देखने को मिल रही है। 

2026 के आखिर तक सोने का भाव कहां तक जा सकता है?
जेपी मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च के एनालिस्ट का अनुमान है कि साल 2026 के आखिर तक इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है. वहीं, 2027 में यह 6,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकती है. यानी लॉन्ग टर्म में सोने में तेजी की संभावना अभी भी बनी हुई है। 

हालांकि, आगे सोने की कीमत किस दिशा में जाएगी, यह कई बड़े ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर करेगा. अगर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होते हैं या अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बदलाव करता है, तो इसका सीधा असर सोने की मांग और कीमतों पर पड़ सकता है। 

पिछले एक साल में केंद्रीय बैंकों की बड़ी खरीदारी ने सोने की कीमतों को मजबूती दी थी. हालांकि, अब उनकी खरीदारी की रफ्तार कुछ धीमी पड़ती दिख रही है. फिर भी मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पूरी तस्वीर इतनी आसान नहीं है और आने वाले समय में सेंट्रल बैंकों की मांग फिर से कीमतों को सहारा दे सकती है। 

सोने-चांदी में मुनाफावसूली
इन्वेस्टिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमतों में लगातार तीन कारोबारी सेशन से अच्छी तेजी देखने को मिली. इसके बाद अब भाव ऐसे लेवल पर पहुंच गए हैं, जहां पहले से निवेश कर चुके कुछ ट्रेडर मुनाफा बुक कर सकते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट या उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 

हालांकि, लंबी अवधि में सोने की चाल अब भी ग्लोबल तनाव और ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर निर्भर रहेगी. लेकिन फिलहाल टेक्निकल बताते हैं कि तेज उछाल के बाद बाजार में कुछ समय के लिए मुनाफावसूली का दौर आ सकता है, जिससे कीमतों में हल्का करेक्शन देखने को मिल सकता है। 

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