,

अफवाहों पर लगाम के लिए बड़ा कदम, मुजफ्फरपुर के दो इलाकों में इंटरनेट सेवा ठप

पटना राज्य में हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर हुई अशांति और उपद्रव की घटनाओं के मद्देनजर बिहार पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर में अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए गृह विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिला प्रशासन की अनुशंसा पर शहर के…

अफवाहों पर लगाम के लिए बड़ा कदम, मुजफ्फरपुर के दो इलाकों में इंटरनेट सेवा ठप

पटना
राज्य में हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर हुई अशांति और उपद्रव की घटनाओं के मद्देनजर बिहार पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है।

इसी क्रम में मुजफ्फरपुर में अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए गृह विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।

जिला प्रशासन की अनुशंसा पर शहर के दो पुलिस अनुमंडल क्षेत्रों में सीमित अवधि के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।

गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे से 26 जुलाई सुबह 10:00 बजे तक मुजफ्फरपुर के टाउन-1 और टाउन-2 पुलिस सब-डिवीजन क्षेत्रों में सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाएं बंद रहेंगी।

डीएम और एसएसपी की अनुशंसा पर फैसला
गृह विभाग ने यह निर्णय मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की अनुशंसा के आधार पर लिया है। प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई थी कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक, भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।

इसी आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।

24 तरह की इंटरनेट सेवाएं रहेंगी प्रभावित
आदेश के तहत फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित करीब 24 प्रकार की सोशल नेटवर्किंग और मैसेजिंग सेवाओं पर रोक रहेगी।

इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रकार के संदेश, फोटो, वीडियो या अन्य डिजिटल सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा।

हालांकि, सरकारी कार्यों के लिए उपयोग होने वाली अधिकृत इंटरनेट सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

अफवाहों पर रोक लगाने की कोशिश
गृह विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या समूह से संबंधित भ्रामक, उत्तेजक अथवा सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री के प्रसार को रोकना है।

प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहें कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा न करें और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports