,

इटावा, जसवंतनगर व भरथना विधानसभा क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, सीएम योगी ने 604 करोड़ रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

इटावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैफई मेडिकल संस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अखिलेश यादव उसे आगे नहीं बढ़ा सके। भाजपा सरकार ने 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का…

इटावा, जसवंतनगर व भरथना विधानसभा क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, सीएम योगी ने 604 करोड़ रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

इटावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैफई मेडिकल संस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अखिलेश यादव उसे आगे नहीं बढ़ा सके। भाजपा सरकार ने 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक पूरा कराया, जबकि 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक भी बनवाया, जिससे संस्थान तेजी से विकसित हो रहा है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इटावा, जसवंतनगर एवं भरथना विधानसभा क्षेत्र में 604 करोड रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

सपा पर तीखा हमला करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्य पहले भी हो सकते थे, लेकिन उसके लिए इच्छाशक्ति और समय चाहिए था। बबुआ तो दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम चले जाते थे और 7 बजे महफिल जम जाती थी। जनता और विकास के लिए समय कहां था। यही कारण था कि प्रदेश और इटावा लंबे समय तक पहचान के संकट से जूझते रहे। पहले इटावा के युवाओं के सामने पहचान का संकट था, लेकिन अब प्रदेश और देश में उन्हें वही सम्मान मिलता है जो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को प्राप्त होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने इटावा की पहचान बदलने का काम किया है। 

प्रदेश अब उत्सव, विकास और निवेश का केंद्र बन गया

मुख्यमंत्री ने कहा 2017 से पहले इटावा सहित पूरे प्रदेश में अपराध, भय और अराजकता का माहौल था। लोग इस क्षेत्र से गुजरने तक से डरते थे। उस समय प्रदेश में निवेश नहीं आता था क्योंकि लोग अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित रहते थे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई और संगठित अपराध तथा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। भाजपा ने जो कहा, उसे करके दिखाया। पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया सक्रिय थे और उत्तर प्रदेश की पहचान दंगा, कर्फ्यू, अराजकता और संगठित अपराध से जुड़ गई थी। इससे युवाओं, किसानों, कारीगरों और आम नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। अब वही प्रदेश बदल चुका है। उत्तर प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया नहीं बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट- वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट- वन क्यूज़ीन की पहचान बनी है। आज उत्तर प्रदेश में न दंगा है, न कर्फ्यू, न उपद्रव और न ही संगठित अपराध का बोलबाला है। प्रदेश अब उत्सव, विकास और निवेश का केंद्र बन गया है। आज उत्तर प्रदेश का नागरिक जहां भी जाता है, उसे सम्मान मिलता है और प्रदेश की नई पहचान देशभर में स्थापित हुई है।

योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेताओं ने जमीन पर काम करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। उनके अनुसार नौकरी से लेकर विकास योजनाओं तक पर एक सिंडिकेट का कब्जा हो गया था, जिससे युवाओं, किसानों और श्रमिकों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया। इसी कारण उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक बीमारू राज्य कहा जाता रहा। आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। पहले विकास के लिए धन तो उपलब्ध था, लेकिन भ्रष्टाचार और बिचौलियों के कारण सड़क, पुल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य विकास परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाती थीं। गरीबों के राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ भी बीच में ही हड़प लिया जाता था। अब सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है और आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हाल ही में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

पहले प्रदेश में सैफई सिंडिकेट का कब्जा था

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गरीब बीमारी और भूख से जूझता रहता था, जबकि आज सरकार बिना किसी भेदभाव के उसके जीवन को सुरक्षित बनाने का काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उत्तर प्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाना है। पहले प्रदेश में सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और नौकरियां योग्यता नहीं बल्कि सिफारिश और पैसे के आधार पर मिलती थीं। आज प्रदेश में पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्तियां दी जा रही हैं जब वह नियुक्ति पत्र वितरित करते हैं और इटावा का कोई नौजवान अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर चयनित होकर नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है, तो उन्हें बेहद खुशी होती है। वह युवाओं से पूछते हैं कि क्या किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी थी, जिस पर जवाब मिलता है कि नियुक्ति केवल योग्यता के आधार पर मिली है। आज उत्तर प्रदेश की मेरिट सूची में इटावा के युवा भी स्थान बना रहे हैं और अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर रहे हैं, जबकि 2017 से पहले यह संभव नहीं था।

पहले मंदिरों की जगह कब्रिस्तान की बाउंड्री पर खर्च होता था पैसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी सरकारी धन उपलब्ध था, लेकिन मंदिरों के सुंदरीकरण पर खर्च नहीं होता था। वह धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च किया जाता था। 2017 से पहले समाजवादी सरकार को लोगों की आस्था की चिंता नहीं थी। उस समय कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाता था, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन रोके जाते थे, रामनवमी की शोभायात्राओं पर रोक लगाई जाती थी और दुर्गा पूजा के पंडालों को भी नहीं लगने दिया जाता था। पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में न कोई दंगा हुआ, न उपद्रव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बेटियां और व्यापारी दोनों असुरक्षित थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संभ्रांत परिवार अपनी बेटियों को रिश्तेदारों या छात्रावास में भेजने को मजबूर थे। आज बेटियां अपने घर से सुरक्षित स्कूल और कॉलेज जा रही हैं तथा व्यापारी भी भयमुक्त होकर अपना कारोबार कर रहे हैं। सरकार की स्पष्ट नीति है कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए केवल दो ही स्थान हैं-जेल या जहन्नुम। तीसरी कोई जगह नहीं होगी।

सैफई सिंडिकेट के कारण बदनाम था इटावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैफई सिंडिकेट कभी कानून व्यवस्था की ऐसी घोषणा नहीं कर सकता था क्योंकि गुंडे उन्हीं के साथ जुड़े हुए थे। उस समय लोगों में कहावत चल पड़ी थी कि "देख सपाई, बिटिया घबराई। इटावा और मैनपुरी की छवि भी प्रभावित होती थी। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और इटावा को वही सम्मान प्राप्त है जो लखनऊ और प्रयागराज जैसे शहरों को मिलता है। भाजपा सरकार इटावा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से 604 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी जा रही है। जनता ने भाजपा पर विश्वास जताया है और सरकार उसी विश्वास का विकास के माध्यम से ऋण उतार रही है।

जल जीवन मिशन से जुड़ेंगे 2.33 लाख परिवार

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 540 गांवों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। चौथे चरण में 2 लाख 33 हजार परिवारों को हर घर नल योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से इटावा की सीधी कनेक्टिविटी बुंदेलखंड से हो चुकी है। भरथना और ताखा में औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना में इटावा भी शामिल है। इसके लिए जिले में 108 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। 296 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग-92 पर चंबल नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। 344 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-कन्नौज एनएच-91ए का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि 228 करोड़ रुपये की लागत से इटावा से करी मार्ग पर एनएच-92 का निर्माण पूरा हो चुका है। कानपुर-टुंडला रेल सेक्शन पर दो लेन के रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, यमुना नदी पर अतिरिक्त सेतु पहुंच मार्ग, इटावा में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे फ्लाईओवर और बाईपास, भरथना बाईपास का निर्माण, बकेवर-लखनऊ मार्ग का सुदृढ़ीकरण तथा लायन सफारी बाईपास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

2017 से पहले नौकरी निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी हो जाती थी सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने 90 करोड़ रुपये की लागत से पैरामेडिकल आवासीय भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी है। ये सभी परियोजनाएं इटावा के समग्र विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रदेश में पहले भी विकास कार्य हो सकते थे, लेकिन उसके लिए समय और इच्छाशक्ति की जरूरत थी। पहले जनता और विकास के लिए समय नहीं था, यही कारण था कि उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। वर्ष 2017 से पहले नौकरी निकलती थी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी सक्रिय हो जाती थी। मेरिट के आधार पर नियुक्तियां नहीं होती थीं, जिसके कारण अदालतों को रोक लगानी पड़ती थी और नौजवान रोजगार से वंचित रह जाते थे। हर जिले में गुंडे और माफिया पैदा कर दिए गए थे। सैंड माफिया, लैंड माफिया, कैटल माफिया और फॉरेस्ट माफिया ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा था। आज उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त, गुंडा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और उपद्रव मुक्त बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। जो प्रदेश पहले हर पैमाने पर सबसे पीछे था, वह आज हर क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। इस विकास यात्रा में जितनी भूमिका कानपुर और लखनऊ की है, उतनी ही इटावा और मैनपुरी की भी है।

गरीब, किसान, महिला और युवा सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी जिले या क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं करती। उनके लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों का समान विकास जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया जिसमें गरीब, किसान, महिला और युवा को देश की चार प्रमुख जातियां बताया गया है। हर युवा को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री स्टार्टअप योजना, स्टैंडअप योजना, डिजिटल इंडिया, मिशन रोजगार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लखनऊ और गोरखपुर के युवाओं के लिए जो नियम हैं, वही इटावा और मैनपुरी के युवाओं पर भी समान रूप से लागू होते हैं।

विरासत को सम्मान, बेटियों को मिली सुरक्षा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने अन्नदाता किसानों के कर्ज माफ किए तो उसका लाभ पूरे प्रदेश के किसानों को समान रूप से मिला। किसान सम्मान निधि का लाभ भी सभी पात्र लघु एवं सीमांत किसानों तक पहुंचाया गया। सरकार ने निजी नलकूप धारक किसानों को राहत देने के लिए नीति बनाई और प्रदेश के 16 लाख किसानों को पूरी तरह मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई। सरकार जब नीति के आधार पर काम करती है तो उसका लाभ हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचता है। वर्तमान सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सम्मान देने का काम किया है। शहीद सैनिकों के स्मारकों का संरक्षण हो, काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, नैमिषारण्य का विकास अथवा मथुरा-वृंदावन के लिए नई विकास योजना-सभी कार्य बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं। पहले पर्व-त्योहारों पर रोक लगाई जाती थी, युवाओं के रोजगार में डकैती पड़ती थी, किसान बदहाल थे, कारीगर बेरोजगार थे और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती थीं। आज डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सुरक्षित और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

समाजवादियों ने महापुरुषों का अपमान किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि इटावा बेहतर कनेक्टिविटी के कारण एक बड़ा जंक्शन बनकर उभर रहा है और इसका लाभ क्षेत्र को मिलना चाहिए। इसके लिए डबल इंजन सरकार को और ताकत देने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वर्तमान को बेहतर बनाने और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य उज्ज्वल करने के लिए सैफई सिंडिकेट से मुक्त होकर विकास की प्रक्रिया से जुड़ें और प्रदेश की विरासत का सम्मान करें। समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया तक को नहीं छोड़ा और दलित महापुरुषों का भी अपमान किया। संत रविदास के नाम पर बने जनपद का नाम बदल दिया गया तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम भी हटा दिया था। उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर किया। साथ ही औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया तथा काशी विश्वनाथ धाम में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गई।

सीएम योगी लाभार्थियों को चाबी, कार्ड व प्रमाण पत्र आदि वितरित किए 

-संध्या पाल (ट्रैक्टर की चाबी)

-रीना देवी (मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड)

-रूबी (थर्मल प्रिंटर)

-नीलू, रानी देवी (128 स्वयं सहायता समूह के लिए 1.92 करोड़ रुपए का चेक)

-निखिल कुमार (बाल सेवा योजना के तहत चेक) 

-सुजाता (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चाबी)

-रितु ( सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत चेक) 

-शेख मोहम्मद शुभानुल हक (एक जनपद एक उत्पाद के तहत 60 लाख का चेक)

-जावित्री (विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत टूल किट)

-फूल सिंह (मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद के 56 हजार का अनुदान)

-केश कुमारी ( दिव्यांग योजना के तहत 2.57 लाख का चेक) 

इस अवसर पर मंत्री बेबी रानी मौर्य, विधायक सरिता भदौरिया, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, विधान परिषद सदस्य प्रांशु दत्त द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शिव महेश दुबे, जिला प्रभारी कमलावती देवी, जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता अन्नू, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया, पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, पूर्व सांसद प्रेम दास कठेरिया, पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया, पूर्व विधायक के.के राज आदि मौजूद रहे।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports