अंतरराज्यीय बस स्टैंड की बदहाली ने खोली विकास के दावों की पोल, जिम्मेदार विभागों पर उठे सवाल
बैढ़न
जिला मुख्यालय बैढ़न स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड की बदहाल स्थिति विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। मध्यप्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाला यह प्रमुख बस स्टैंड वर्षों से अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह गहरे गड्ढे, उनमें भरा बारिश का पानी, उखड़ी सड़कें, अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन और जाम जैसी स्थिति यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड परिसर में ऑटो, हाथ ठेले और अन्य वाहन मनमाने ढंग से खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है। यात्रियों का आरोप है कि यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन विभागों पर है, वे प्रभावी कार्रवाई करते नजर नहीं आते।
यात्रियों के अनुसार बस स्टैंड परिसर में शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। कई स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे विशेषकर महिला यात्रियों और परिवारों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है। आए दिन विवाद और चोरी जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड की दुर्दशा को लेकर कई बार समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबरें प्रकाशित और प्रसारित की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या से अवगत होने के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से अभियान चलाकर बस स्टैंड परिसर की यातायात व्यवस्था सुधारे, अतिक्रमण हटाए, सड़क मरम्मत कराए, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करे तथा यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था करे। एक पुलिस चौकी की मांग भी कई दिनों से की जा रही है मगर अब तक में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया स्थानीय लोगो का कहना है कि जिला मुख्यालय के प्रवेश द्वार जैसी पहचान रखने वाले इस बस स्टैंड की बदहाली दूर करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
















