8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट! प्रमोशन को लेकर सरकार का संसद में दो-टूक बयान, क्या आप भी हैं प्रभावित?

नई दिल्ली  केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) को आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बेसब्री से इंतजार है। लेकिन इस इंतजार के बीच सरकार (Governement) की तरफ से एक ऐसा अपडेट आया है, जिसनें कई पूर्व कर्मचारियों को निराश कर दिया है। संसद में सरकार ने प्रमोशन से जुड़ी अहम MPCA स्कीम (Modified Assured…

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट! प्रमोशन को लेकर सरकार का संसद में दो-टूक बयान, क्या आप भी हैं प्रभावित?

नई दिल्ली
 केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) को आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बेसब्री से इंतजार है। लेकिन इस इंतजार के बीच सरकार (Governement) की तरफ से एक ऐसा अपडेट आया है, जिसनें कई पूर्व कर्मचारियों को निराश कर दिया है। संसद में सरकार ने प्रमोशन से जुड़ी अहम MPCA स्कीम (Modified Assured Career Progression) को लेकर स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने साफ शब्दों में बता दिया है कि खास समय सीमा के दौरान रिटायर (Retire) हुए कर्मचारियों (Employees) को इस योजना का कोई लाभ नहीं दिया जाएगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) एक बेहद अहम योजना मानी जाती है। लेकिन केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि छठे वेतन आयोग (6th Pay Commission) के दौरान, यानी 1 जनवरी 2006 से लेकर 31 अगस्त 2008 के बीच रिटायर हुए केंद्रीय सिविलियन कर्मचारियों (Civilian employees)को इस MACP योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

आखिर इन कर्मचारियों को इस योजना से क्यों बाहर रखा गया है?
यह सवाल 23 जुलाई 2026 को राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संसद में उठाया था। उन्होंने कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय से पूछा था कि 2006 से 2008 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों को MACP स्कीम के फायदे क्यों नहीं दिए गए?

इस सवाल पर पर्दा उठाते हुए राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने MACP स्कीम को छठे वेतन आयोग (6th pay commission) की सिफारिशों के तहत 1 सितंबर 2008 से लागू किया था। मंत्री ने कहा, "चूंकि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 के बीच यह योजना अस्तित्व में ही नहीं थी, इसलिए उस दौरान सेवा दे रहे या सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों (Retired Employees) पर इस योजना को लागू करने या इसका लाभ देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।"

क्या है MACP?
MACP का विकल्प खासकर ग्रुप C और ग्रुप D के कर्मचारियों (Employess) के लिए एक संजीवनी की तरह है, क्योंकि उनके पास प्रमोशन के मौके अक्सर काफी कम होते हैं। इस योजना के तहत अगर किसी कर्मचारी को लगातार 10 साल तक कोई प्रमोशन नहीं मिलता, तो उसे नौकरी के 10, 20 और 30 साल की रेगुलर सर्विस पूरी करने पर या एक ही ग्रेड पे में 10 साल गुजारने पर तीन फाइनेंशियल अपग्रेडेशन (आर्थिक पदोन्नति/वेतन वृद्धि) दिए जाते हैं।

8वें वेतन आयोग में उठ रही है नई मांग

भले ही पुरानी तारीखों में रिटायर हुए कर्मचारियों को इस फैसले से निराशा हाथ लगी हो, लेकिन मौजूदा कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग (8th pay commission Dashboard) से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

वर्तमान में, कर्मचारियों के प्रमुख संगठन 'नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM)' और 'ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन' ने 8वें वेतन आयोग को अपना मेमोरेंडम सौंपा है। इस ज्ञापन में प्रमुख मांग यह रखी गई है कि MACP के तहत मिलने वाले प्रमोशन (Promotion) की संख्या को 3 से बढ़ाकर 5 कर दिया जाए।

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