पटना
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है।
लघु सिंचाई प्रमंडल, रोहतास के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में ईओयू की अलग-अलग टीमों ने पटना, रोहतास, मुजफ्फरपुर और बांका में उनके आवास, कार्यालय और अन्य परिसरों की तलाशी ली।
ईओयू के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अरविंद कुमार चौधरी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में करीब 1.19 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति मिलने के साक्ष्य सामने आए हैं।
जांच में यह भी पाया गया कि उनकी अर्जित संपत्ति ज्ञात आय के स्रोतों से करीब 85 प्रतिशत अधिक है।
29 जुलाई को दर्ज हुई एफआईआर
आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में 29 जुलाई को ईओयू थाने में कांड संख्या 15/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
इसके बाद निगरानी की विशेष अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया। अदालत से अनुमति मिलने के बाद गुरुवार सुबह डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में कई टीमों ने एक साथ छापेमारी शुरू की।
इन छह ठिकानों पर चल रही तलाशी
ईओयू की टीमें जिन स्थानों पर तलाशी ले रही हैं, उनमें
पटना के दानापुर स्थित आदमपुर में वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट का फ्लैट
पटना में एक अन्य ठिकाना
मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान स्थित ससुराल
रोहतास स्थित कार्यपालक अभियंता का कार्यालय
डेहरी-ऑन-सोन स्थित सरकारी आवास
बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत पीपराडीह गांव स्थित पैतृक आवास शामिल हैं।
दस्तावेजों और निवेश की हो रही जांच
छापेमारी के दौरान ईओयू की टीमें अचल और चल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, निवेश संबंधी कागजात, नकदी, आभूषण तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी पूरी होने के बाद जब्त दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ईओयू का कहना है कि यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के आरोप पूरी तरह प्रमाणित होते हैं, तो मामले में अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल सभी छह ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी है।
















