इस सप्ताह बाजार पर RBI फैसले और वैश्विक तनाव का असर

 नई दिल्ली  स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के ब्याज दर संबंधी निर्णय, पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से तय होगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके अलावा निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर…

इस सप्ताह बाजार पर RBI फैसले और वैश्विक तनाव का असर

 नई दिल्ली
 स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के ब्याज दर संबंधी निर्णय, पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से तय होगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके अलावा निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे।

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट(रिसर्च) अजित मिश्रा ने कहा, ‘इस सप्ताह विभिन्न गतिविधियां होनी है, जिसमें तीन से पांच अगस्त के बीच होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक महत्वपूर्ण है। साथ ही, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों का दौर जारी है, जिसमें कई बड़ी और मझोली कंपनियां अपने परिणाम घोषित करेंगी।’ उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों से कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा, ‘निवेशकों का ध्यान इस सप्ताह पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगा। अमेरिका-ईरान तनाव के किसी भी तरह बढ़ने से इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेशक धारणा पर पड़ेगा।’

FPI की जुलाई में हुई वापसी
आंकड़ों के अनुसार, लगातार चार महीनों तक बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में वापसी की और 20,200 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। यह निवेश आकर्षक मूल्यांकन, बेहतर कॉरपोरेट नतीजों और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के चलते आया।

किन कंपनियों के आने वाले हैं नतीजे
इस सप्ताह डीएलएफ, भारती एयरटेल, ओएनजीसी, हीरो मोटोकॉर्प, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और भारतीय स्टेट बैंक जैसी कंपनियों के परिणाम जारी होने वाले हैं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज सिद्धार्थ खेमका ने कहा, 'मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों और बेहतर तिमाही नतीजों के बल पर भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख बना रह सकता है। निवेशक आरबीआई के नीतिगत फैसले, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़ों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे।'

पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,034.87 अंक यानी 2.67 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई का निफ्टी 616.15 अंक यानी 2.59 प्रतिशत मजबूत हुआ।

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