पतंग का मांझा बना जानलेवा हथियार, दिल्ली में अब तक 11 लोगों की मौत

नई दिल्ली त्योहारी सीजन करीब आते ही आसमान में पतंगे उड़ने लगी हैं। पेंच लड़ाने और शह-मात के खेल में पतंगबाज प्रतिबंधित (बैन) मांझे का इस्तेमाल भी करने लगे हैं। ढाई साल के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस ने चाइनीज मांझे को बेचने, सप्लाई, बनाने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ 334 केस दर्ज किए…

पतंग का मांझा बना जानलेवा हथियार, दिल्ली में अब तक 11 लोगों की मौत

नई दिल्ली
त्योहारी सीजन करीब आते ही आसमान में पतंगे उड़ने लगी हैं। पेंच लड़ाने और शह-मात के खेल में पतंगबाज प्रतिबंधित (बैन) मांझे का इस्तेमाल भी करने लगे हैं। ढाई साल के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस ने चाइनीज मांझे को बेचने, सप्लाई, बनाने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ 334 केस दर्ज किए हैं और 365 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 15 हजार से ज्यादा रोल, 1100 से अधिक चरखियां और बड़ी मात्रा में अन्य सामान भी जब्त किया गया। इसके बावजूद हर साल लोग सड़क पर इस जानलेवा मांझे की चपेट में आ रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक, 2024 में 201 मामलों में 218 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक को बाउंड डाउन किया गया। इस दौरान 13,247 रोल मांझा, 616 चरखियां, 112 रील, 85 गिट्टी और एक स्कूटर जब्त किया गया। साल 2025 में 119 केस दर्ज हुए, जिनमें 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 2,617 रोल, 473 चरखियां, 154 गिट्टी, 20 स्पूल, 22 रील, गाड़ी और बाइक जब्त की। इस साल जून तक 14 केसों में 15 को गिरफ्तार किया गया है।

प्रतिबंधित मांझे को खरीदने-बेचने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसका इस्तेमाल बेहद खतरनाक है। अपील है कि यदि कही प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या इस्तेमाल होता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

धारदार होने से कट जाता है गला
यह मांझा नायलॉन और मैटेलिक पाउडर से बनाया जाता है। नायलॉन पर कांच या लोहे का चूरा चढ़ाकर धारदार बना दिया जाता है। इसकी धार ब्लेड जैसी होती है। इलेक्ट्रिक कंडक्टर होने से करंट का खतरा भी रहता है। टूव्हीलर सवार इसकी सबसे ज्यादा चपेट में आते हैं। मांझा हेलमेट से फिसलकर गर्दन में फंस जाता है। ऐसे में लोगों गले पर गमछा या मोटा कपड़ा बांधकर सफर करने की सलाह दी गई है।

पुलिस रिकॉर्ड
पिछले तीन साल मे हादसे
    2024 में हुए 4 हादसों में 4 घायल
    2025 में 4 हादसों में 2 की मौत, 2 घायल
    2026 में 30 जून तक एक शख्स घायल

11 की जा चुकी है जान
सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध लगाए जाने के बाद 2017 से 2026 के बीच मांझे की चपेट में आने से 11 टूव्हीलर सवारों की जान जा चुकी है। आखिरी मामला नॉर्थ ईस्ट जिले के न्यू उस्मानपुर में 3 मई 2026 को सामने आया, जब बाइक पर बैठा 5 साल का बच्चा मांझे की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई थी।

जागरूक कर रही पुलिस
पुलिस सभी जिलों में जागरूकता अभियान चला रही है। डीसीपी (रोहिणी) शशांक जायसवाल ने बताया कि दुकानदारों के साथ बैठकें की गई हैं। प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों को सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बच्चों को जागरूक करने के लिए 'पतंग कटेगी तभी तो लूटोगे' नाम से अभियान शुरू किया गया है।

पुलिस के हालिया एक्शन
डीसीपी आकांक्षा यादव के मुताबिक शालीमार बाग पुलिस ने 4 जुलाई को 15 रोल बरामद कर आरोपी पकड़ा।
सीलमपुर में 1 जुलाई को 59 चरखी मांझा बरामद किया गया। आरोपी मोहम्मद शाकिर प्रतिबंधित मांझा बेचता था।
मालवीय नगर पुलिस ने बैन मांझे की चरखियां बरामद कीं। एक्टिविस्ट गौरव गुप्ता की सूचना पर 3 को गिरफ्तार किया।
नबी करीम इलाके में 29 जुलाई को 424 बैन रील बरामद की गई। आरोपी वसीम राजा को अरेस्ट किया गया।

 

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