जयपुर
राजस्थान सरकार ने पेंशन योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए राज्य के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। वित्त विभाग द्वारा जारी नए परिपत्र के अनुसार, 1 जनवरी 2004 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अब नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को चुनने का एक और अंतिम अवसर प्रदान किया गया है।
बता दें कि वित्त विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इस विकल्प को चुनने की अंतिम समय सीमा 30 सितंबर 2026 निर्धारित की है। इसके पश्चात किसी भी परिस्थिति में कर्मचारियों का आवेदन या ओपीएस चुनने का विकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार ने यह भी साफ किया है कि वर्तमान में सेवारत कर्मचारी पहले की तरह ही ओपीएस के दायरे में बने रहेंगे।
क्या हैं प्रमुख शर्तें और नियम?
यह छूट विशेष रूप से 1 जनवरी 2004 से 31 मार्च 2022 की अवधि के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों पर ही लागू होगी।
जीपीएफ ब्याज दर जमा शर्त: एनपीएस के तहत सेवानिवृत्ति पर प्राप्त हुई राशि को कर्मचारियों को जीपीएफ की ब्याज दरों के समान राशि के साथ सरकारी खाते में वापस जमा कराना होगा।
पेंशन लाभ की प्रभावी तिथि: निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर राशि जमा कराने वाले पात्र कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2022 से राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के तहत पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 19 मई 2022 को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एनपीएस को समाप्त कर दिया था और 1 अप्रैल 2022 से ओपीएस व्यवस्था को दोबारा लागू कर दिया था। उसी दौरान 31 मार्च 2022 तक रिटायर्ड हुए कर्मचारियों के लिए शर्त रखी गई थी कि एनपीएस फंड वापसी पर ही उन्हें पुरानी पेंशन दी जाएगी।
कई कर्मचारियों के विकल्प चुनने से चूक जाने के कारण वित्त विभाग ने अब अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है, ताकि सभी पात्र पूर्व कर्मचारी समय रहते अपनी औपचारिकताएं पूरी कर पेंशन का लाभ उठा सकें।
















