UPI पर चार्ज लगाने की चर्चा के बीच अशनीर ग्रोवर का बड़ा बयान, बोले- ‘खत्म हो जाएगा मोबाइल पेमेंट

 नई दिल्‍ली पिछले दिनों संसद में डिजिटल पेमेंट को लेकर एक प्रस्‍ताव रखा गया, जिसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्‍काउंट रेट (MDR) लगाने की बात कही गई है. इसी मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है. कांग्रेस भी इसका विरोध कर रही है तो वहीं एक व्‍यापारी संगठन भी इससे सहमत…

UPI पर चार्ज लगाने की चर्चा के बीच अशनीर ग्रोवर का बड़ा बयान, बोले- ‘खत्म हो जाएगा मोबाइल पेमेंट

 नई दिल्‍ली

पिछले दिनों संसद में डिजिटल पेमेंट को लेकर एक प्रस्‍ताव रखा गया, जिसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्‍काउंट रेट (MDR) लगाने की बात कही गई है. इसी मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है. कांग्रेस भी इसका विरोध कर रही है तो वहीं एक व्‍यापारी संगठन भी इससे सहमत नहीं दिख रहा है  

वहीं एक सर्वे में भी दावा किया जा चुका है कि इससे भारत में 50 फीसदी से ज्‍यादा UPI पेमेंट कम हो सकते हैं. इस बीच, BharatPe के एक्‍स-को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने चेतावनी दी है कि इस तरह के चार्ज लगाने से भारत की सबसे बड़ी डिजिटल सफलता UPI को नुकसान पहुंच सकता है। 

दूसरी ओर, UPI को लेकर कई अफवाह फैलने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्‍पष्‍ट किया गया है कि फ्यूचर में अगर कोई MDR लागू किया जाता है, तो उसका पेमेंट व्‍यापारियों द्वारा किया जाएगा. कस्‍टमर्स पर इसका कोई असर नहीं होगा। 

फिर से विचार करे सरकार: अशनीर ग्रोवर 
सीतारमण के इस स्‍पष्‍टता के बाद ग्रोवर ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि UPI लेनदेन पर MDR लागू करना एक 'पिछड़ा कदम' होगा. उन्‍होंने लिखा कि UPI पर कोई भी MDR भारत की एकमात्र चीज को खत्‍म कर देगा, जो घड़ी की तरह सुचारू तरीके से चल रही है यानी मोबाइल पेमेंट खत्‍म हो जाएगा. यह एक पिछड़ा कदम है. सरकार को फिर से इसपर बात विचार करना चाहिए। 

संसद में पारित हुआ विधेयक 
उनका ये कमेंट लोकसभा द्वारा टैक्‍सेशन और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने के बाद आई है, जो भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन करता है. यह विधेयक तत्काल यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगाता है, बल्कि एक कानूनी ढांचा तैयार करता है जो केंद्र को भविष्य की अधिसूचना के माध्यम से वर्तमान शून्य-एमडीआर व्यवस्था को संशोधित करने की अनुमति देगा. इसका मतलब है कि सरकार इस कानून के तहत फ्यूचर में UPI पेमेंट पर एमडीआर चार्ज लगा सकती है। 

आम यूजर्स पर क्‍या होगा असर? 
सरकार ने स्पष्‍ट किया है कि अगर फ्यूचर में एमडीआर लगता है तो आम UPI यूजर्स को इसका सामना नहीं करना होगा, क्‍योंकि यह चार्ज सिर्फ मर्चेंट यानी व्‍यापारियों पर लागू होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इससे बैंकों और फिनटेक कंपनियों को बुनियादी ढांचे, नवाचार और सुरक्षा में अधिक निवेश करने में मदद मिलेगी और यूपीआई के सभी यूजर्स इस निवेश का लाभ उठाएंगे। 

सीतारमण ने कहा कि अभी तक MDR को लागू नहीं किया गया है और ना ही इसे लागू करने का कोई फैसला हुआ है. सीतारमण के अनुसार, इस मामले पर संसद द्वारा टैक्‍सेशन और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की अध्यक्षता वाली यूपीआई और सेवा संचालन समिति द्वारा निर्णय लेने के बाद ही विचार किया जाएगा। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports