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रोहतक की छह फीट लंबी बहू मेघा आज पहुंचेंगी हांगकांग, खास उपलब्धि पर टिकीं निगाहें

रोहतक. हौसलों की उड़ान तब और ऊंची हो जाती है, जब सपनों के साथ कड़ी मेहनत और परिवार का अटूट साथ जुड़ जाए। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है गाजियाबाद की बेटी और रोहतक की बहू मेघा चौधरी ने, जिनका चयन 14वीं एशियन नेटबाल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। चीन के…

रोहतक की छह फीट लंबी बहू मेघा आज पहुंचेंगी हांगकांग, खास उपलब्धि पर टिकीं निगाहें

रोहतक.

हौसलों की उड़ान तब और ऊंची हो जाती है, जब सपनों के साथ कड़ी मेहनत और परिवार का अटूट साथ जुड़ जाए। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है गाजियाबाद की बेटी और रोहतक की बहू मेघा चौधरी ने, जिनका चयन 14वीं एशियन नेटबाल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।

चीन के हांगकांग में 8 अगस्त से आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मेघा देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

12 उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
भारतीय टीम के चयन के लिए खानपुर में एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में देश भर से 21 उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर अंतिम 12 खिलाड़ियों का चयन किया गया। मेघा चौधरी ने इस सूची में अपनी मजबूत जगह बनाई। इस बार एशियन नेटबाल चैंपियनशिप के लिए हरियाणा से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें रोहतक की ओर से मेघा चौधरी देश का मान बढ़ाएंगी। यह उनका छठा अवसर है जब वह एशियन नेटबाल चैंपियनशिप में भारत की ओर से खेलेंगी। इससे पहले वह पांच बार एशियन स्तर पर और कुल मिलाकर नौ बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

वर्ष 2007 से शुरू हुआ खेल सफर
रोहतक के प्रेम नगर निवासी मेघा चौधरी ने वर्ष 2007 में नेटबाल खेलना शुरू किया था। उनके परिवार में उनसे पहले कोई भी खिलाड़ी नहीं था। वर्ष 2010 में भारत में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के महिला नेटबाल चयन शिविर में लंबी कद-काठी की खिलाड़ियों को मौका दिया गया। छह फीट की लंबाई होने के कारण मेघा को भी इस कैंप में शामिल होने का अवसर मिला। कैंप में अपने शानदार खेल के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और कामनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व किया। यहीं से उनके स्वर्णिम खेल करियर की असली शुरुआत हुई।

साल 2018 तक बाक्सिंग में भी दिखाया दम
कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद टीम गेम होने और आसपास नेटबाल की पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण मेघा ने खेल बदलने का निर्णय लिया। हरियाणा की महिला बाक्सरों से प्रेरित होकर उन्होंने भिवानी में रहकर बाक्सिंग का प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2018 तक उन्होंने बाक्सिंग की प्रैक्टिस की और सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी जीत हासिल की। हालांकि, नेटबाल के प्रति उनका पहला प्यार कभी कम नहीं हुआ। वर्ष 2018 में रोहतक में विवाह होने और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने एक बार फिर नेटबाल को ही अपना मुख्य खेल बनाया। वापसी के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

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