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श्रमिकों की हुंकार 17 अगस्त को गूंजेगी देशभर में, भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी आंदोलन

श्रमिकों की हुंकार 17 अगस्त को गूंजेगी देशभर में, भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी आंदोलन उमरिया में कलेक्टर कार्यालय  के समछ धरना कर प्रधानमंत्री  एवं मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन उमरिया  श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) 17 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा। आंदोलन…

श्रमिकों की हुंकार 17 अगस्त को गूंजेगी देशभर में, भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी आंदोलन

श्रमिकों की हुंकार 17 अगस्त को गूंजेगी देशभर में, भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी आंदोलन

उमरिया में कलेक्टर कार्यालय  के समछ धरना कर प्रधानमंत्री  एवं मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

उमरिया
 श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) 17 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा। आंदोलन के तहत जिले भर के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिक कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे और अपनी लंबित मांगों के समर्थन में प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे। भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अब श्रमिकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

न्यूनतम वेतन, पेंशन और ईएसआई सीमा बढ़ाने की मांग

बीएमएस द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि, कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की वेतन सीमा बढ़ाकर 42 हजार रुपये किए जाने तथा कर्मचारी भविष्य निधि एवं कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएफ/ईपीएस) के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (वीडीए/डीए) सहित अन्य श्रमिक हितैषी सुविधाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की जा रही है।

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिले सामाजिक सुरक्षा का लाभ

संगठन का कहना है कि देश का बड़ा श्रमिक वर्ग आज भी असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है, जिसे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। बीएमएस ने वर्ष 2019 के सामाजिक सुरक्षा कानून को प्रभावी ढंग से लागू कर सभी पात्र श्रमिकों तक उसका लाभ पहुंचाने की मांग उठाई है। श्रमिक नेताओं का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और श्रम अधिकारों के बिना श्रमिकों का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है।

श्रम संहिताओं में संशोधन की उठी मांग

भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र सरकार द्वारा लागू चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के कुछ प्रावधानों पर भी चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए श्रम कानूनों में आवश्यक सुधार और संशोधन किए जाने चाहिए।

देशभर में एक साथ होगा प्रदर्शन

बीएमएस पदाधिकारियों के अनुसार 17 अगस्त को देशभर में एक साथ आयोजित होने वाले इस आंदोलन के माध्यम से श्रमिकों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। संगठन का दावा है कि यह आंदोलन श्रमिक हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और इसमें बड़ी संख्या में श्रमिक भागीदारी करेंगे।

अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील

भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख नागेंद्र सिंह ने संघ से संबद्ध सभी संगठनों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रमिकों से आह्वान किया है कि वे 17 अगस्त के राष्ट्रव्यापी आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर श्रमिक एकता और अधिकारों की आवाज को बुलंद करें।

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