चांद पर बनेगा इंसानों का बेस, NASA ने ISRO को दिया न्योता; जानें क्या है Artemis Mission और भारत की भूमिका

बेंगलुरु  अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को बड़ा ऑफर दिया है। दरअसल, NASA ने ISRO को आर्टेमिस मिशन के तहत मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को बताया कि NASA ने आर्टेमिस समझौते…

चांद पर बनेगा इंसानों का बेस, NASA ने ISRO को दिया न्योता; जानें क्या है Artemis Mission और भारत की भूमिका

बेंगलुरु 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को बड़ा ऑफर दिया है। दरअसल, NASA ने ISRO को आर्टेमिस मिशन के तहत मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को बताया कि NASA ने आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) के तहत भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने के लिए ISRO को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

दोनों पक्ष समझौते के तहत ओपन साइंटिफिक डेटा शेयरिंग पर सहयोग के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। इस समझौते का मकसद बाहरी अंतरिक्ष के नागरिक अन्वेषण (civil exploration) और उसके उपयोग के गवर्नेंस को बेहतर बनाना है। NASA अंतरिक्ष में अमेरिका की लीडरशिप को मजबूत करने, वैज्ञानिक खोजों को बढ़ावा देने, इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ इनोवेशन को आगे बढ़ाने और मंगल ग्रह के मिशन के लिए मानवता को तैयार करने के मकसद से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक मून बेस बना रहा है।

आर्टेमिस समझौते पर दस्तखत करने वाला भारत 27वां देश
21 जून 2023 को भारत आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला 27वां देश बन गया था। यह समझौता देशों के बीच अंतरिक्ष अन्वेषण में सहयोग के लिए दिशा-निर्देश तय करता है। बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका ने सिविल और कमर्शियल अंतरिक्ष सहयोग पर अपनी बातचीत को आगे बढ़ाया है और भविष्य में विज्ञान और मानव अंतरिक्ष उड़ान तकनीक में साझेदारी पर भी ध्यान केंद्रित किया है। बयान के अनुसार, ये बातचीत भारत-अमेरिका सिविल स्पेस जॉइंट वर्किंग ग्रुप (CSJWG) की 9वीं बैठक के दौरान हुई। इस बैठक की मेजबानी भारत ने 5 और 6 अगस्त को बेंगलुरु में ISRO मुख्यालय में की थी।

क्या है आर्टेमिस मिशन?
आर्टेमिस मिशन नासा का एक महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य इंसानों को 50 साल बाद दोबारा चंद्रमा पर भेजना, चंद्रमा पर स्थाई बस्ती बसाना और भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन की तैयारी करना है। आर्टेमिस I: पहला चरण था, जो नवंबर 2022 में लॉन्च किया गया एक मानव-रहित परीक्षण उड़ान था। इसमें ओरियन अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के पास से सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी।

आर्टेमिस II: 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया गया पहला मानवयुक्त मिशन था, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्रियों (रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हनसेन) ने चंद्रमा की परिक्रमा की और 10 दिन बाद अप्रैल 2026 में सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे। इसके बाद के चरणों में आर्टेमिस III और IV हैं, जिनमें चंद्रमा की कक्षा में डॉकिंग परीक्षण और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यात्रियों की लैंडिंग की योजना है।

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