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दीप्ति गौड़ मुखर्जी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, उच्च शिक्षा सचिव बनीं; NEET-UG के बाद बढ़ी चुनौती

भोपाल मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। 1993 बैच की अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नई जिम्मेदारी के साथ मध्य प्रदेश कैडर के एक और वरिष्ठ अधिकारी को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने सोमवार…

दीप्ति गौड़ मुखर्जी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, उच्च शिक्षा सचिव बनीं; NEET-UG के बाद बढ़ी चुनौती

भोपाल

मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। 1993 बैच की अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नई जिम्मेदारी के साथ मध्य प्रदेश कैडर के एक और वरिष्ठ अधिकारी को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए उनकी नियुक्ति की। इससे पहले वह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। 

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में उनका क्या अनुभव रहा?
दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के तौर पर काम किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर भी जोर दिया। वर्ष 2025 में जनजातीय विकास के लिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व यानी सीएसआर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी में उन्होंने भारतीय कॉरपोरेट मामलों के संस्थान की पहल की सराहना की थी। उन्होंने नीति बनाने वालों, उद्योग जगत और समुदाय से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की जरूरत बताई थी।

उन्होंने सीएसआर और डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर क्या सुझाव दिया था?
मुखर्जी ने सीएसआर से जुड़े सरकारी और कॉरपोरेट प्रयासों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुझाव दिया था। उनका विचार सीएसआर एक्सचेंज को नए रूप में विकसित करने का था। इसके जरिये अलग-अलग परियोजनाओं की जानकारी एक जगह जुटाने, सहयोग के अवसर पहचानने और बेहतर कामों व उनके प्रभाव की जानकारी साझा करने में मदद मिल सकती है। उनका जोर इस बात पर भी रहा कि विकास से जुड़े कार्यक्रमों में केवल संस्थाओं की भूमिका न हो, बल्कि स्थानीय समुदाय की भी सक्रिय भागीदारी हो।

दीप्ति गौड़ मुखर्जी का प्रशासनिक अनुभव कितना व्यापक है?
तीन फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी की पढ़ाई अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में हुई है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी की है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।

मध्य प्रदेश से केंद्र तक किन अहम पदों पर रहीं?
मध्य प्रदेश सरकार में मुखर्जी ने कार्मिक, सामान्य प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण जैसे विभागों में प्रमुख सचिव के तौर पर काम किया। इस दौरान उनकी जिम्मेदारियों में प्रशासनिक सुधार और शासन से जुड़े काम शामिल रहे। केंद्र में वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रहीं। इस पद पर उन्होंने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन से जुड़े कामकाज की निगरानी की। इसके अलावा वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव भी रह चुकी हैं।

अब बड़ी जिम्मेदारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने
केंद्र सरकार में भी उन्हें महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिलीं। वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ रह चुकी हैं। इस दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उनके प्रमुख कामों में शामिल रही। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के तौर पर भी काम किया है। अब केंद्र सरकार ने उन्हें देश का नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया है। केंद्र के सामने उच्च शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दे हैं। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से जुड़े नीतिगत फैसले, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बनाए रखना बड़ी चुनौतियां हैं। 

अधिकारी नई जिम्मेदारी पहले की जिम्मेदारी
दीप्ति गौर मुखर्जी उच्च शिक्षा सचिव कॉरपोरेट मामलों की सचिव
पल्लवी जैन गोविल कॉरपोरेट मामलों की सचिव युवा मामले सचिव
सुनील पालीवाल युवा मामले सचिव भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष
सुषिल कुमार लोहानी भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी
वीएल कांता राव गृह मंत्रालय के आधिकारिक भाषा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग के सचिव
अर्चना वर्मा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग की सचिव राष्ट्रीय जल मिशन की मिशन निदेशक

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की नई सचिव कौन होंगी? 

दीप्ति गौर मुखर्जी के उच्च शिक्षा सचिव बनने के बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में भी बदलाव किया गया है। युवा मामले सचिव पल्लवी जैन गोविल अब कॉरपोरेट मामलों की नई सचिव होंगी। वह मुखर्जी की जगह लेंगी। इसके बाद युवा मामले विभाग में भी नई नियुक्ति की गई है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील पालीवाल को नया युवा मामले सचिव बनाया गया है। इस तरह एक अधिकारी के स्थानांतरण के साथ कई महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

यूपी की रहने वाली मुखर्जी  ने एमपी में संभाली अहम जिम्मेदारी 
3 फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने अर्थशास्त्र और पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई की है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी की डिग्री हासिल की। आईएएस के रूप में उनका करियर मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। मध्य प्रदेश में उन्होंने कार्मिक, सामान्य प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में काम किया। इन पदों पर रहते हुए प्रशासनिक व्यवस्था और शासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम उनकी जिम्मेदारी में रहे। 

अंतर्देशीय जलमार्ग और आधिकारिक भाषा विभाग में क्या बदलाव हुआ?
सरकार ने अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण में भी बदलाव किया है। कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी के तौर पर तैनात सुषिल कुमार लोहानी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव वीएल कांता राव को गृह मंत्रालय के आधिकारिक भाषा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा सचिव अंसुली आर्या के अगले महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने के बाद आधिकारिक भाषा विभाग के सचिव का पद संभालेंगे।

जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी अब किसे मिलेगी?
वीएल कांता राव के स्थान पर वरिष्ठ नौकरशाह अर्चना वर्मा को जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग का नया सचिव बनाया गया है। अर्चना वर्मा 1995 बैच की असम-मेघालय कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वह फिलहाल राष्ट्रीय जल मिशन की मिशन निदेशक के तौर पर काम कर रही हैं। इस फेरबदल के साथ केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा, कॉरपोरेट मामलों, युवा मामले, जल संसाधन और आधिकारिक भाषा जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। उच्च शिक्षा विभाग में दीप्ति गौर मुखर्जी की नियुक्ति इस पूरे फेरबदल की सबसे अहम नियुक्तियों में से एक है। 

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