,

तीज उत्सव में झूम उठा कुरुक्षेत्र, हरियाणवी लोकगीतों और नृत्यों ने मोहा मन

 कुरुक्षेत्र हरियाणा कला परिषद की ओर से कला कीर्ति भवन में तीज उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य ज्योति बैंदा मुख्यातिथि रहीं। उन्होंने पारंपरिक पींघ पर झूला झूलकर तीज की खुशियों का आनंद लेते हुए गुलगुले व खस्ता सुहाली जैसे पारंपरिक हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद चखा। इस मौके…

तीज उत्सव में झूम उठा कुरुक्षेत्र, हरियाणवी लोकगीतों और नृत्यों ने मोहा मन

 कुरुक्षेत्र
हरियाणा कला परिषद की ओर से कला कीर्ति भवन में तीज उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य ज्योति बैंदा मुख्यातिथि रहीं। उन्होंने पारंपरिक पींघ पर झूला झूलकर तीज की खुशियों का आनंद लेते हुए गुलगुले व खस्ता सुहाली जैसे पारंपरिक हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद चखा।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि तीज हमारी मिट्टी, प्रकृति, लोक परंपराओं और आपसी भाईचारे से जुड़ा त्योहार है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए हरियाणा कला परिषद की सराहना की।

इस कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सावन और तीज के गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने ज्योति बैंदा को पौधा भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि परिषद हरियाणा की प्राचीन लोक कलाओं और परंपराओं को सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हरियाणा राज्य गीत से हुआ। इसके बाद नवीन नाथ और उनके दल ने बीन वादन की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बीन वादन की इस बेहतरीन प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

बीजणा और टोकणी नृत्य ने बांधा समां, दर्शकों ने की सराहना
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए रोहतक से पधारी नृत्यांगना लीला सैनी और उनके दल एल के एम फाउंडेशन ने मंच पर कदम रखा। दल के कलाकारों ने एक के बाद एक कई बेहतरीन हरियाणवी लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लाख टके का बीजणा, पाणी ल्यावण जा रही ए मेरी सस रानी सब सखियों के संग और तोड़ो-तोड़ो री ननदी मेहंदी के पात जैसे हरियाणवी लोकगीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। हाथों में रंग-बिरंगे बीजणा लेकर और सिर पर चमकती टोकणी रखकर किए गए सधे हुए नृत्यों ने नारी के पारंपरिक सौंदर्य और उल्लास को मंच पर जीवंत कर दिया।

लोकनृत्यों की इस धमाकेदार प्रस्तुति के बाद भिवानी से आए सुभाष पपोसा और उनके दल ने मखमली और बुलंद आवाज से सावन के मल्हार और पारंपरिक गीतों की ऐसी तान छेड़ी कि पूरा वातावरण संगीतमय हो गया। दल की ओर से गाए गए विशेष लोकगीत रात ना सोई रे कृष्ण तेरे चाव की मारी, सावन मां झूल घली कामण की और तोड़े पत्ते पिपलां के पर दर्शकों के साथ-साथ मुख्यातिथि ज्योति बैंदा, महेश जोशी और अन्य महिला दर्शक भी मंच पर जाकर झूमने पर मजबूर हो गए।

वहीं, सभी कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। तीज उत्सव का लुत्फ उठाने के लिए पूर्व जिला संपर्क अधिकारी देवराज सिरोहीवाल, भाजपा नेत्री भारती धिमान, प्रेरणा संस्थान से आशा सिंगला, किरण गर्ग, सुरेखा, हरिकेश पपोसा, शिवकुमार किरमच मौजूद रहे।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed