दुर्ग.
राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने महिलाओं से जुड़े साइबर क्राइम को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में महिलाएँ सीधे आईजी के पास जाए या राज्य महिला आयोग में शिकायत कर सकती है, क्योंकि ऐसे मामलों के बारे टीआई को ही क्या करना है यह पता नहीं होता है।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू नियुक्ति के बाद पहली बार दुर्ग जिले में जनसुनवाई के लिए पहुंची थी. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि महिला आयोग सिर्फ सुनवाई का काम करने के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान व गरिमा के लिए है। उन्होंने बताया कि आजकल सोशल मीडिया में अश्लील पोस्ट एवं एआई का दुरुपयोग कर गलत तस्वीर बनाने के भी मामले बड़ी संख्या में आ रही हैं। राज्य महिला आयोग में पूरे प्रदेश भर से कुल 786 प्रकरण दर्ज हैं। इनमें सर्वाधिक 430 प्रकरण अकेले रायपुर जिले में वहीं दुर्ग में 68 प्रकरण दर्ज है।
उन्होंने कहा कि आयोग के पास ज्यादातर प्रकरण घरेलू हिंसा, टोनही प्रताड़ना, कार्य स्थल पर यौन घोषण जैसे प्रकरण है। इन मामलों में जागरूकता के लिए शिविर लगाए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने पर महिलाएं न भटके। डॉ साहू ने कहा कि यदि थाने में शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है तो महिलाएँ सखी सेंटर में भी मो. न. 9098382225 पर भी शिकायत कर सकती है या महिला आयोग के मेल से प्रकरण दर्ज करा सकती हैं।
रखे गए 27 प्रकरण, 3 हुए नस्तीबद्ध
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, सदस्य ओजस्वी मंडावी, सह प्रभारी दीपिका शोरी एवं सदस्य सरला कोसरिया ने कलेक्टर सभाकक्ष दुर्ग में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई की। डॉ साहू की अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश स्तर पर यह तीसरी तथा दुर्ग जिले में पहली जनसुनवाई थी। इसमें कुल 27 प्रकरणों पर सुनवाई की गई, जिनमें 3 प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।
















