भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक और क्रिकेटिंग बदलाव की चर्चा तेज हो गई है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज और BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को बोर्ड में एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाया जा सकता है.
अगर यह प्रस्ताव अमल में आता है तो लक्ष्मण की भूमिका सिर्फ CoE तक सीमित नहीं रहेगी. वह भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग अहम हिस्सों के बीच समन्वय करने वाली बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.
हालांकि, अभी BCCI की तरफ से लक्ष्मण की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. साथ ही यह भी साफ नहीं है कि अगर यह पद बनाया जाता है तो इसकी सटीक जिम्मेदारियां क्या होंगी.
सितंबर में क्यों हो सकता है बड़ा बदलाव?
BCCI के लिए सितंबर का समय काफी अहम माना जा रहा है. बोर्ड में कुछ महत्वपूर्ण पदों और व्यवस्थाओं को लेकर बदलाव की चर्चा चल रही है. इसी दौरान चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर भी फैसला अहम होगा.
हालांकि, अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की संभावनाओं की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं. अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में BCCI द्वारा उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए बनाए रखने की बात कही गई थी. ऐसे में सितंबर में सेलेक्शन कमेटी और टीम मैनेजमेंट से जुड़े फैसले भारतीय क्रिकेट के अगले दौर की दिशा तय कर सकते हैं.
लक्ष्मण को क्यों मिल सकती है यह जिम्मेदारी?
वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के सिस्टम का अहम हिस्सा रहे हैं. वह BCCI के CoE में खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम से जुड़े हुए हैं.
CoE में उनकी भूमिका सिर्फ सीनियर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है. वह भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम से जुड़े खिलाड़ियों के साथ काम करते हैं. इसमें यंग क्रिकेटरों से लेकर सीनियर टीम के खिलाड़ियों तक का विकास शामिल है.
गौतम गंभीर भी 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद लक्ष्मण के योगदान की तारीफ कर चुके हैं. उन्होंने CoE को भारतीय क्रिकेट की पाइपलाइन बताते हुए कहा था कि लक्ष्मण पर्दे के पीछे काफी अहम काम कर रहे हैं. यही अनुभव डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट जैसी व्यापक भूमिका के लिए लक्ष्मण को मजबूत उम्मीदवार बनाता है.
डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनने पर क्या होगा लक्ष्मण का काम?
डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद अगर BCCI के मौजूदा ढांचे में शामिल किया जाता है तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए काफी प्रभावशाली भूमिका हो सकती है.
संभावित तौर पर लक्ष्मण को टीम इंडिया, चयनकर्ताओं, कोचिंग स्टाफ, CoE और खिलाड़ी विकास से जुड़े प्रोगाम के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी मिल सकती है.
उनकी भूमिका में नए टैलेंट की पहचान, खिलाड़ियों के डेवलपमेंट, हाई-परफॉर्मेंस प्लानिंग और भारतीय क्रिकेट के आगे के रास्ते को मजबूत करना जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं.
यानी यह पद सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं होगा. इसका सीधा असर इस बात पर पड़ सकता है कि भारतीय क्रिकेट के यंग खिलाड़ियों को सीनियर टीम तक पहुंचाने और उनके विकास का सिस्टम किस तरह काम करता है.
टीम इंडिया के साथ भी लक्ष्मण का पुराना कनेक्शन
लक्ष्मण के लिए यह भूमिका पूरी तरह नई दिशा नहीं होगी. वह पहले भी जरूरत पड़ने पर भारतीय टीम के साथ स्टैंड-इन कोच की भूमिका निभा चुके हैं.हाल ही में उन्होंने जिम्बाब्वे दौरे पर युवा भारतीय टीम की कमान बतौर अंतरिम कोच संभाली थी. भारत ने उनकी निगरानी में तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम की.
यह लक्ष्मण का पहला ऐसा कार्यकाल नहीं था. पिछले कुछ वर्षों में वह अलग-अलग मौकों पर भारतीय टीम के साथ कोचिंग की जिम्मेदारी निभाते रहे हैं. जिम्बाब्वे सीरीज के बाद लक्ष्मण ने खुद साफ किया था कि वह गौतम गंभीर और सीनियर सपोर्ट स्टाफ की गैरमौजूदगी में जिम्मेदारी निभा रहे थे और यह उनके CoE रोल का हिस्सा रहा है.
2024 में कोच बनने से क्यों पीछे हटे थे लक्ष्मण?
दिलचस्प बात यह है कि 2024 में राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टीम के हेड कोच पद के लिए लक्ष्मण का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल था. हालांकि, उन्होंने उस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के बजाय CoE के साथ बने रहने का फैसला किया.
लक्ष्मण उस समय से भारतीय क्रिकेट के खिलाड़ी विकास सिस्टम पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने खुद भी बताया है कि 2024 में द्रविड़ के बाद हेड कोच की भूमिका नहीं लेने के पीछे उनकी प्राथमिकताएं अलग थीं और उन्होंने CoE में काम जारी रखना चुना.
अब अगर उन्हें डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की जिम्मेदारी मिलती है तो यह उनके मौजूदा काम का ही कहीं ज्यादा बड़ा और व्यापक रूप माना जा सकता है.
CoE को लेकर भी लक्ष्मण ने रखा है अपना पक्ष
पिछले कुछ समय से भारतीय खिलाड़ियों की लगातार चोटों के बीच BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठे हैं. ऐसे में लक्ष्मण ने CoE की भूमिका को लेकर सफाई दी थी.
उन्होंने कहा था कि CoE को सिर्फ खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन सेंटर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, इसका काम इससे कहीं व्यापक है और खिलाड़ी विकास, फिटनेस तथा भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम के साथ इसका संबंध है.
डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की जिम्मेदारी मिलने पर इसी अनुभव का इस्तेमाल भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग विभागों को एक साथ जोड़ने में किया जा सकता है.
लक्ष्मण की नई भूमिका कितनी बड़ी होगी?
अगर BCCI आखिरकार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाकर लक्ष्मण को इसकी जिम्मेदारी देता है तो यह उनके करियर में एक बड़ा बदलाव होगा. फिलहाल वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. नई जिम्मेदारी मिलने पर उनका दायरा सीनियर टीम, सेलेक्शन कमेटी, कोचिंग स्टाफ और प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम तक फैल सकता है.
सबसे अहम बात यह होगी कि इस भूमिका का ढांचा BCCI किस तरह तैयार करता है. अभी नियुक्ति और जिम्मेदारियों पर अंतिम फैसला बाकी है. लेकिन लक्ष्मण के लंबे क्रिकेटिंग अनुभव, CoE में उनके काम और टीम इंडिया के साथ उनके लगातार जुड़ाव को देखते हुए डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का संभावित रोल भारतीय क्रिकेट में उन्हें पहले से कहीं ज्यादा प्रभावशाली स्थिति में ला सकता है.
















