Bengaluru Parking Rules: फुटपाथ पर पार्किंग की तो नहीं बचेगी गाड़ी, भारी जुर्माने के साथ टोइंग की तैयारी

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार ने शहर की अनियंत्रित ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से 'ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस एक्ट, 2024' की धारा 314 के तहत 'बेंगलुरु बृहत् क्षेत्र (पार्किंग) नियम, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है. शहरी विकास विभाग द्वारा प्रकाशित इस मसौदे पर आम जनता और प्रभावित पक्षों से…

Bengaluru Parking Rules: फुटपाथ पर पार्किंग की तो नहीं बचेगी गाड़ी, भारी जुर्माने के साथ टोइंग की तैयारी

बेंगलुरु
कर्नाटक सरकार ने शहर की अनियंत्रित ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से 'ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस एक्ट, 2024' की धारा 314 के तहत 'बेंगलुरु बृहत् क्षेत्र (पार्किंग) नियम, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है. शहरी विकास विभाग द्वारा प्रकाशित इस मसौदे पर आम जनता और प्रभावित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। 

नए नियमों के लागू होने के बाद बेंगलुरु की मुख्य सड़कों और व्यस्त चौराहों पर मनमर्जी से गाड़ियां खड़ी करना संभव नहीं होगा. बृहत् बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) द्वारा चिन्हित 'हाई-डेंसिटी कॉरिडोर' यानी अत्यधिक यातायात वाली मुख्य सड़कों के मुख्य कैरिजवे पर पार्किंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी. इसके अलावा, ट्रैफिक में बाधा रोकने के लिए सिग्नल वाले जंक्शनों से 100 मीटर और बिना सिग्नल वाले चौराहों से 25 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का वाहन खड़ा करना मना होगा। 

मेट्रो, रेलवे और बस स्टेशनों के आसपास 'नो-पार्किंग' का दायरा

सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों के 150 मीटर के दायरे को शुरुआत में 'नो-पार्किंग जोन' घोषित किया जाएगा. भविष्य में पार्किंग की मांग और सप्लाई का आकलन करने के बाद इस सीमा को बढ़ाकर 500 मीटर तक किया जा सकता है. ऑटो-रिक्शा और टैक्सी सेवाओं के लिए केवल निर्धारित पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट ही उपलब्ध होंगे, जहां 5 मिनट से अधिक गाड़ी खड़ी करने की अनुमति नहीं होगी। 

फुटपाथ सुरक्षा और पार्किंग के लिए कड़े नियम
सड़कों के किनारे बने फुटपाथों पर गाड़ियों की पार्किंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो. फुटपाथ पर केवल साइकिल पार्किंग की अनुमति तब दी जाएगी जब पैदल चलने के लिए कम से कम 2 मीटर की जगह साफ और अबाधित बचे. इसके अतिरिक्त, सड़कों पर चलने वाले सामान्य ट्रैफिक में बाधा न पड़े, इसके लिए ऑटो-रिक्शा स्टैंड भी केवल कम ट्रैफिक वाली स्थानीय गलियों में ही बनाए जाएंगे। 

अगर आपके पास अपनी निजी संपत्ति में पार्किंग की जगह नहीं है और आप सड़क पर गाड़ी खड़ी करते हैं, तो अब आपको इसके लिए नगर निगम से वार्षिक रेजिडेंशियल पार्किंग परमिट लेना अनिवार्य होगा. यह परमिट केवल उन्हीं वाहनों को जारी किया जाएगा जिनके आवासीय भवन बिल्डिंग बाय-लॉज़ का उल्लंघन नहीं करते हैं. इस परमिट के लिए सरकार ने गाड़ियों के हिसाब से भारी सालाना फीस तय की है:

    छोटी कारें (Hatchback): ₹15,000 प्रति वर्ष
    सेडान कारें (Sedan): ₹20,000 प्रति वर्ष
    एसयूवी (SUV): ₹25,000 प्रति वर्ष
    नॉन-रेजिडेंशियल में श्रेणी अनुसार पार्किंग फीस

सार्वजनिक पार्किंग स्थानों को उनके व्यावसायिक महत्व और गतिविधियों के आधार पर A, B और C जैसी तीन श्रेणियों में बांटा गया है. 'A' श्रेणी में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग के लिए टू-व्हीलर से ₹40/घंटा और फोर-व्हीलर से ₹80/घंटा वसूले जाएंगे. 'B' श्रेणी की सड़कों पर यह दर क्रमशः ₹30 और ₹60 और 'C' श्रेणी की सड़कों पर ₹20 और ₹40 प्रति घंटा होगी. ऑन-स्ट्रीट पार्किंग का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए 2 घंटे से अधिक गाड़ी खड़ी करने पर शुल्क तेजी से बढ़ाया जाएगा. हालांकि, ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग का इस्तेमाल करने पर शुल्क काफी कम रहेगा और रात के समय इसमें 50% की छूट भी मिलेगी।

खाली जमीन के मालिकों को इंसेंटिव और छूट

निजी और सार्वजनिक खाली जमीनों के मालिकों को अपनी जमीन पर पार्किंग सुविधा शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. यदि कोई मालिक अपनी खाली जमीन पर कम से कम 30 गाड़ियों की क्षमता वाली मल्टी-लेवल या मैकेनाइज्ड पार्किंग विकसित करता है, तो उसे 100% संपत्ति कर और सर्विस चार्ज से छूट मिलेगी. वहीं, कम से कम 15 गाड़ियों की क्षमता वाली सरफेस  पार्किंग विकसित करने पर 50% संपत्ति कर की छूट मिलेगी. इसके साथ ही इन प्लॉट मालिकों को अलग से ट्रेड लाइसेंस लेने की जरूरत भी नहीं होगी.

नए नियमों में पार्किंग ऑपरेटरों को लोक सेवक का दर्जा दिया गया है, जिससे वे नियम तोड़ने वाले वाहनों को टो (Tow) या क्लैंप (Clamp) कर सकेंगे. हालांकि, भ्रष्टाचार और विवाद रोकने के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि गाड़ी टो करने से पहले ऑपरेटर को वाहन के नंबर प्लेट के साथ स्पष्ट वीडियो रिकॉर्डिंग करनी होगी, जिसे कम से कम 3 महीने तक सुरक्षित रखना होगा. गलत पार्किंग करने पर कारों के लिए ₹500 और टू-व्हीलर के लिए ₹300 का जुर्माना तय किया गया है, जबकि फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी करने पर कारों के लिए ₹1,000 और टू-व्हीलर के लिए  ₹600 का भारी जुर्माना देना होगा। 

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