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अब मोबाइल बताएगा फसल की बीमारी! किसान फोटो भेजकर तुरंत जान सकेंगे समस्या

अंबाला. आइआइटी रोपड़ में खेती को लेकर एआइ आधारित टूल्स पर काम किया जा रहा है। जिनकी मदद से किसान अपने खेत की फसल की तस्वीर मोबाइल से अपलोड करके संभावित बीमारी या कीट समस्या तथा उसके उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसको लेकर एफपीओ की ओर से नार्दर्न फार्मर फेडरेशन के…

अब मोबाइल बताएगा फसल की बीमारी! किसान फोटो भेजकर तुरंत जान सकेंगे समस्या

अंबाला.

आइआइटी रोपड़ में खेती को लेकर एआइ आधारित टूल्स पर काम किया जा रहा है। जिनकी मदद से किसान अपने खेत की फसल की तस्वीर मोबाइल से अपलोड करके संभावित बीमारी या कीट समस्या तथा उसके उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इसको लेकर एफपीओ की ओर से नार्दर्न फार्मर फेडरेशन के अध्यक्ष पुनीत सिंह थिंद ने पर्दा उठाया। फिलहाल इस पर काम हो रहा है। वह गांव बलाना में किसानों को जागरूक कर रहे थे। मार्केट कमेटी अंबाला शहर की ओर से बुधवार को गांव बलाना स्थित माता मनसा देवी मंदिर में किसान जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों के किसानों ने काफी संख्या में भाग लिया। इसमें किसानों को कृषि एवं कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं, तकनीकों, सुविधाओं और आधुनिक संभावनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध करवाई गई।

कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन, वन, बैंकिंग, स्वयं सहायता समूह, राजस्व विभाग, एफपीओ, वीटा तथा मार्केट कमेटी से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे। जिन्हाेंने प्राकृतिक एवं जैविक तरीकों को अपनाकर मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण संरक्षण और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर करने के रास्ते बताए। एनिमल हास्टल माडल को खेती से जोड़ने चर्चा की। जिसमें अपनी खेती के साथ पशुपालन को व्यवस्थित तरीके से जोड़कर माडल विकसित कर सकते हैं। पशुओं से गोबर एवं मूत्र का उचित प्रबंधन करके बायोगैस तैयार की जा सकती है। उससे निकलने वाले जैविक अवशेषों से बायो-फर्टिलाइजर तैयार किया जा सकता है। मार्केट कमेटी अंबाला शहर चेयरमैन जसविंदर सिंह उगाड़ा ने कहा कि कृषि को केवल परंपरागत खेती तक सीमित न रखकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग जैसे प्रयासों से भी किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में एफपीओ की ओर से नार्दर्न फार्मर फेडरेशन के अध्यक्ष पुनीत सिंह थिंद ने बताया कि उत्तर भारत के एफपीओ के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मिट्टी जांच की एक छोटी एवं पोर्टेबल लैब का कॉन्सेप्ट किसानों के सामने रखा। पोर्टेबल लैब के माध्यम से मौके पर ही मिट्टी की जांच की जा सकती है और उसकी रिपोर्ट भी तुरंत प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में किसानों को एक नाम – एक पौधा वितरित किया। इस अभियान के तहत 5100 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। मौके पर वाइस चेयरमैन गुलशन कालरा, कमेटी सदस्य मोहन सिंह धुरकडा, अवतार सिंह, संजीव सारंगपुर, सरपंच सहित अन्य उपस्थित रहे।

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