आशीष बनर्जी की मौत पर शुभेंदु का बड़ा बयान, कॉल रिकॉर्ड और धमकी की जांच की मांग

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और टीएमसी के पूर्व विधायक आशीष बनर्जी की मौत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि इस बात की भी जांच की जाएगी कि क्या किसी ने धमकी दी थी। अधिकारी ने बनर्जी के परिवार से फोन पर बात की…

आशीष बनर्जी की मौत पर शुभेंदु का बड़ा बयान, कॉल रिकॉर्ड और धमकी की जांच की मांग

पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और टीएमसी के पूर्व विधायक आशीष बनर्जी की मौत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि इस बात की भी जांच की जाएगी कि क्या किसी ने धमकी दी थी। अधिकारी ने बनर्जी के परिवार से फोन पर बात की और उन्हें एक अच्छा पॉलिटिकल लीडर बताया। अधिकारी ने यह भी कहा कि बनर्जी के खिलाफ कोई भी करप्शन का केस दर्ज नहीं था और पुलिस ने भी कोई नोटिस नहीं भेजा था। बता दें कि टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि पूर्व डिप्टी स्पीकर पर भाजपा सरकार का दबाव था। आशीष बनर्जी का शव बीरभूम के तृणमूल कार्यालय में फंदे से लटका मिला है।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''मैंने कुछ देर पहले उनके परिवार से बात की। वह एक अच्छे पॉलिटिकल लीडर थे। उनके इलाके से चुने गए भाजपा विधायक उनसे मिलने गए और उनके पैर छुए। उनके पूरे परिवार ने कहा कि लोकल भाजपा वर्कर्स और पुलिस के साथ उनके अच्छे रिश्ते थे। यह एक बुरी घटना है। मेरे उनके साथ अच्छे रिश्ते थे, और जब मैंने मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो उन्होंने मुझे मैसेज किया कि वह मुझसे मिलने आएंगे।'' उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के भ्रष्ट लोगों ने उन्हें धमकी दी होगी कि अगर जांच हुई तो वे उनका नाम लेंगे।

उन्होंने आगे कहा, ''मैंने उनके परिवार से पुलिस के साथ कोऑपरेट करने को कहा है। टीएमसी के भ्रष्ट लोग उन्हें डराने की कोशिश कर सकते हैं। कॉल रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए। ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बाद, उन्होंने एक कमेटी बनाई और उन्होंने तुरंत उससे इस्तीफा दे दिया। पुलिस निश्चित रूप से ऐक्शन लेगी। मैं भी उनके परिवार से मिलूंगा क्योंकि मेरे उनके साथ अच्छे रिश्ते थे आप इसे वेरिफाई कर सकते हैं।''

पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय में रविवार सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस ने बताया कि रामपुरहाट के हट्टाला पाड़ा इलाके में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित 'सुसाइड नोट' भी बरामद हुआ है। आशीष बनर्जी 74 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित कथित 'सुसाइड नोट' में बनर्जी ने कहा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस भी जताया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।

फंदे से लटका मिला था बनर्जी का शव
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय में रविवार सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस ने बताया कि रामपुरहाट के हट्टाला पाड़ा इलाके में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित 'सुसाइड नोट' भी बरामद हुआ है। आशीष बनर्जी 74 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित कथित 'सुसाइड नोट' में बनर्जी ने कहा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस भी जताया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।

2001 से 2026 तक लगातार रहे विधायक
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी ने 2001 से 2026 तक राज्य विधानसभा में रामपुरहाट निर्वाचन क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व किया था। वह विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्व सरकार में स्कूली शिक्षा तथा कृषि समेत विभिन्न विभागों के मंत्री भी रहे। बनर्जी ने एक पृष्ठ के कथित 'सुसाइड नोट' में कहा कि वह कभी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे और उन्होंने किसी काम के बदले कभी पैसे नहीं लिए। उन्होंने इसमें यह भी लिखा कि वह पार्टी के भीतर होने वाले गलत कार्यों को हमेशा स्वीकार नहीं कर पाते थे, लेकिन उनका विरोध भी नहीं कर सके।

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