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102 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिलेंगी एक लाख रूपये की छात्रवृत्ति

भोपाल भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, व्यक्तित्व, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, शिक्षा और जीवन-मूल्यों से भावी पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति शुरू की गई है। यह भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जित 14 विद्याओं, 64 कलाओं, महर्षि सांदीपनि और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है। इसमें…

102 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिलेंगी एक लाख रूपये की छात्रवृत्ति

भोपाल

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, व्यक्तित्व, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, शिक्षा और जीवन-मूल्यों से भावी पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति शुरू की गई है। यह भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जित 14 विद्याओं, 64 कलाओं, महर्षि सांदीपनि और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है। इसमें ऑनलाइन प्रतियोगिता के माध्यम से 102 मेधावी छात्र-छात्राओं को ₹1 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर छात्रवृत्ति की राशि प्रदाय की जायेगी। प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थी श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की वेबसाइट पर जाकर पंजीयन कर सकते हैं। प्रतियोगिता में पंजीयन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है।

प्रतियोगिता में अभी तक 5 हजार से अधिक पंजीयन

भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति ऑनलाइन प्रतियोगिता में छात्र-छात्रा एवं युवा बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे है। वेबसाइट पर अब तक 76 हजार 560 से अधिक विज़िट दर्ज की गई हैं। वहीं, कुल 5 हजार 380 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। आँकड़ों के अनुसार 2,957 पुरुष, 2,394 महिलाएँ और 29 अन्य श्रेणी के प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। 

नई पीढ़ी को श्रीकृष्ण और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का है उद्देश्य

श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीराम तिवारी ने बताया कि श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की इस पहल के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपरा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति ऑनलाइन प्रतियोगिता, डिजिटल माध्यम आज के विद्यार्थियों तक पहुँचने का प्रभावी साधन है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्विज़ को रोचक और ज्ञानवर्धक स्वरूप दिया गया। श्री तिवारी ने कहा कि शैक्षणिक श्रेणी के अनुसार 3,669 पंजीयन विद्यालय स्तर के तथा 1,711 पंजीयन महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के हैं। विद्यालय स्तर पर कक्षा 9वीं के 633, कक्षा 10वीं के 760, कक्षा 11वीं के 944 और कक्षा 12वीं के 1,248 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। इसके अतिरिक्त पॉलिटेक्निक अथवा ITI स्तर के 84 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ है।

श्रीकृष्‍ण पाथेय न्‍यास की वेबसाइट www.shrikrishnapatheynyas.com पर करें रजिस्ट्रेशन

प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए श्रीकृष्‍ण पाथेय न्‍यास की वेबसाइट www.shrikrishnapatheynyas.com पर विजिट कर पंजीयन कर सकते है। प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की इस पहल के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपरा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य केवल छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धि को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उन्हें भगवान श्री कृष्ण से जुड़ी 14 विद्याओं और 64 कलाओं की अवधारणा से प्रेरित होकर अलग-अलग कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षा से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की कोशिश है। भगवान श्रीकृष्ण ने कम उम्र में असाधारण कार्य किए और बाद में उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के मार्गदर्शन में 14 विद्याओं और 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया। 

लॉटरी के जरिए स्कॉलरशिप के लिए होगा चयन

इस छात्रवृत्ति के लिए छात्रों को ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद उन्हें निर्धारित विषयों पर आधारित 30 से ज्यादा सवालों वाली ऑनलाइन प्रश्नावली का जवाब देना होगा। हर उम्मीदवार को सवालों का अलग सेट दिया जाएगा। अगर सफल उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध स्कॉलरशिप से ज्यादा होती है, तो पात्र उम्मीदवारों में से अंतिम चयन लॉटरी के जरिए किया जाएगा।

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