,

फर्जी ITC और टैक्स चोरी पर शिकंजा, जयपुर-भिवाड़ी समेत 4 जगह GST की छापेमारी

जयपुर राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने कर चोरी, फर्जी एवं रद्द फर्मों से गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने, प्रतिबंधित श्रेणी की आईटीसी का अनुचित दावा करने तथा कारोबार से संबंधित कर अनियमितताओं के विरुद्ध व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की है। विभाग द्वारा हाल में की गई चार अलग-अलग सर्वे कार्रवाइयों में कुल…

फर्जी ITC और टैक्स चोरी पर शिकंजा, जयपुर-भिवाड़ी समेत 4 जगह GST की छापेमारी

जयपुर
राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने कर चोरी, फर्जी एवं रद्द फर्मों से गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने, प्रतिबंधित श्रेणी की आईटीसी का अनुचित दावा करने तथा कारोबार से संबंधित कर अनियमितताओं के विरुद्ध व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की है। विभाग द्वारा हाल में की गई चार अलग-अलग सर्वे कार्रवाइयों में कुल 4 करोड़ 99 लाख 07 हजार 626 रुपये से अधिक की संभावित कर देयता/अनियमितता सामने आई है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा कुल 2 करोड़ 03 लाख 22 हजार 738 रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई गई। इन कार्रवाइयों में जयपुर, भिवाड़ी, संगरिया और श्रीगंगानगर स्थित प्रतिष्ठान शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रकरणों में जांच जारी है तथा जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भिवाड़ी की वर्गो ग्राफिक्स में करीब 50 लाख रुपये की अमान्य आईटीसी
जीएसटी विभाग की टीम ने मैसर्स वर्गो ग्राफिक्स प्राइवेट लिमिटेड, रीको औद्योगिक क्षेत्र, भिवाड़ी, अलवर में सर्वे कार्रवाई की। यह फर्म पेपर, पेपरबोर्ड एवं पैकेजिंग सामग्री के निर्माण से संबंधित व्यवसाय करती है।

जांच के दौरान जीएसटी अधिनियम की धारा 17(5) के तहत प्रतिबंधित इनवर्ड सप्लाई पर गलत तरीके से लगभग 50 लाख रुपये की अमान्य आईटीसी का दावा किए जाने की अनियमितता सामने आई। कार्रवाई के दौरान फर्म की ओर से 74 लाख 15 हजार 112 रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई गई।

श्री हरि एग्रो इंडस्ट्रीज में 1.33 करोड़ रुपये की संभावित अनियमितता
दूसरी बड़ी कार्रवाई मैसर्स श्री हरि एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जयपुर में की गई। प्रतिष्ठान खाद्य तेल एवं डी-ऑयल्ड केक निर्माण के कारोबार से जुड़ा है।

विभागीय जांच में बोगस एवं रद्द कंपनियों से अमान्य आईटीसी का लाभ लेने के साथ ही जीएसटी अधिनियम की धारा 17(5) के तहत ब्लॉक आईटीसी का दावा किए जाने की अनियमितता सामने आई। टीम ने देर रात तक विस्तृत जांच करते हुए संबंधित रिकॉर्ड एवं सामान की जब्ती की कार्रवाई भी की।

प्रारंभिक जांच में करीब 1.33 करोड़ रुपये की संभावित राशि सामने आई, जबकि फर्म द्वारा जांच के दौरान 1.04 करोड़ रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई गई।

संगरिया में 100 प्रतिशत आईटीसी क्लेम में अनियमितता, 10.07 लाख रुपये जमा
संगरिया, हनुमानगढ़ स्थित मैसर्स वीर चंद एण्ड संस के यहां 100 प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने में अनियमितता पाए जाने पर सर्वे किया गया। प्रतिष्ठान फावड़े एवं कुदाली आदि के व्यापार से संबंधित है।

कार्रवाई के दौरान दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया। जांच के बाद व्यवसायी द्वारा 10 लाख 07 हजार 626 रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई गई, जिसमें 4 लाख 98 हजार 813 रुपये एसजीएसटी, 4 लाख 98 हजार 813 रुपये सीजीएसटी एवं 10 हजार रुपये आईजीएसटी शामिल हैं।

श्रीगंगानगर में सीमेंट खरीद और टाइल्स उत्पादन के यील्ड रेशियो में बड़ा अंतर
श्री तायल इंडस्ट्रीज, उद्योग विहार, श्रीगंगानगर में की गई कार्रवाई में सीमेंट की खरीद और तैयार टाइल्स के उत्पादन के यील्ड रेशियो में भारी अंतर पाया गया। इससे बिक्री छिपाने एवं कर देयता को कम दर्शाने की आशंका सामने आई।

विभागीय अधिकारियों ने संबंधित रिकॉर्ड एवं माल का निरीक्षण एवं जब्ती की कार्रवाई की। आगे की जांच के लिए समन जारी किया गया है। जांच के दौरान करदाता द्वारा 15 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई, जिसमें 7 लाख 50 हजार रुपये एसजीएसटी तथा 7 लाख 50 हजार रुपये कैश लेजर के माध्यम से जमा किए गए।

चार कार्रवाइयों में 2.03 करोड़ रुपये से अधिक स्वैच्छिक जमा
इन चारों मामलों को मिलाकर विभागीय कार्रवाई के दौरान करदाताओं द्वारा कुल 2 करोड़ 03 लाख 22 हजार 738 रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई गई है। वहीं, उपलब्ध प्रारंभिक जांच के आधार पर विभिन्न मामलों में 4.99 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित कर देयता/कर अनियमितता सामने आई है।

फर्जी आईटीसी और कर अपवंचना के विरुद्ध सख्त निगरानी
जीएसटी विभाग की लगातार जारी इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि विभाग फर्जी एवं रद्द फर्मों से गलत आईटीसी लेने, ब्लॉक आईटीसी का अनुचित लाभ उठाने, बिक्री छिपाने तथा कर अपवंचना के मामलों पर सख्त निगरानी रख रहा है।

विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे केवल वास्तविक एवं वैध लेन-देन के आधार पर आईटीसी का दावा करें तथा जीएसटी कानून के सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी आईटीसी, कर चोरी और कर अनियमितताओं के विरुद्ध जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed