लखनऊ
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का कोई भरोसा नहीं है। कब और किस उम्र में कौन सी बीमारी दरवाजे पर दस्तक दे दे, कोई नहीं जानता।
आम दिनों में सामान्य सर्दी-खांसी तो ठीक है, लेकिन जब बात कैंसर, हार्ट अटैक या किडनी फेलियर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों की आती है, तो फिर सबसे पहले मन में पैसों को लेकर ही चिंता उठती है कि पैसे कहां से अरेंज होंगे…अस्पताल और डॉक्टर महंगा होगा।
ऐसी बीमारियां न सिर्फ इंसान को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ती हैं, बल्कि अच्छे-खासे हंसते-खेलते परिवार को पाई-पाई के लिए मोहताज भी कर देती हैं। बड़े-बड़े अस्पतालों में जाकर लाखों रुपये के भारी-भरकम बिल का भुगतान करना मिडिल क्लास परिवार के लिए बहुत ही भारी होता है। उनकी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी एक झटके में साफ भी हो सकती है।
ऐसी ही मुश्किल घड़ी में संकटमोचक बनकर सामने आती है- 'गंभीर बीमारी सहायता योजना'। ये योजना ऐसी आर्थिक ढाल देती है, जिससे आप पैसों की चिंता किए बिना देश के बड़े से बड़े अस्पताल में बेहतरीन इलाज करा सकते हैं। सबसे अच्छी बात है कि इसके लिए आपको BPL या अंत्योदय कार्ड धारक वाली श्रेणी में होने की भी जरूरत नहीं है।
इस आर्टिकल में हम बहुत ही आसान शब्दों में समझेंगे कि यह योजना क्या है, यह आपके और आपके परिवार के लिए क्यों जरूरी है और मुसीबत के समय आप इसका पूरा फायदा कैसे उठा सकते हैं।
गंभीर बीमारी सहायता योजना के बारे में
उत्तर प्रदेश में गंभीर बीमारी सहायता योजना (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित) पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों को कैंसर, हार्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जानलेवा व गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। जो लोग मिडिल क्लास से आते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
पहले योजना की मुख्य बातें जान लीजिए
किसे मिलता है लाभ: श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक, उनके पति/पत्नी, अविवाहित बेटियां और 21 वर्ष से कम उम्र के पुत्र।
शामिल बीमारियां: कैंसर, हृदय रोग (हार्ट सर्जरी), किडनी प्रत्यारोपण, ब्रेन सर्जरी और अन्य गंभीर व जटिल बीमारियां।
सहायता राशि: इलाज के वास्तविक खर्च या निर्धारित नियमों के अनुसार अस्पताल के सीधे खाते में राशि भेजी जाती है।
योजना के लिए जरूरी पात्रता क्या है?
आवेदक उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत एक पंजीकृत श्रमिक होना चाहिए।
श्रमिक का पंजीकरण समय पर नवीनीकृत (Renewed) होना चाहिए।
इलाज किसी मान्यता प्राप्त या अधिकृत सरकारी/सूचीबद्ध (Empanelled) अस्पताल में होना चाहिए।
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
श्रमिक पंजीकरण कार्ड / संख्या
डॉक्टर का पर्चा और अस्पताल द्वारा दिया गया इलाज का अनुमानित खर्च (Estimate/Cost of Treatment)
वैध पहचान पत्र (आधार कार्ड)
परिवार के सदस्यों का विवरण व आयु प्रमाण
बैंक पासबुक की कॉपी
गंभीर बीमारी सहायता योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं या अपने स्थानीय श्रम/चिकित्सा विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
आवेदन पत्र को सही-सही भरें और उसमें डॉक्टर के हस्ताक्षर करवाएं।
सभी जरूरी दस्तावेज और अस्पताल के बिल/इस्टीमेट फॉर्म के साथ संलग्न करें।
फॉर्म को संबंधित विभाग या पोर्टल पर समीक्षा के लिए जमा कर दें।
योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
अगर आप ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो अपने नजदीक के श्रम विभाग, तहसलीदार के ऑफिस या फिर ब्लॉक विकास अधिकारी के कार्यालय जाकर फॉर्म भरें। सभी जरूरी दस्तावेजों को अटैच करने के बाद ऑफिस में जमा कर दें।
















