,

गंगा के बढ़ते जलस्तर से वाराणसी में चिंता, घाट डूबे और निचले इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी

वाराणसी धीमी गति से लगातार बढ़ाव के साथ गंगा चेतावनी बिंदु से सिर्फ सवा मीटर नीचे रह गई हैं। रात 10 बजे जलस्तर 69.04 मीटर पहुंच गया था। चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर एवं खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रात्रि 10 बजे गंगा के जलस्तर में दो सेमी प्रति…

गंगा के बढ़ते जलस्तर से वाराणसी में चिंता, घाट डूबे और निचले इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी

वाराणसी
धीमी गति से लगातार बढ़ाव के साथ गंगा चेतावनी बिंदु से सिर्फ सवा मीटर नीचे रह गई हैं। रात 10 बजे जलस्तर 69.04 मीटर पहुंच गया था। चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर एवं खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रात्रि 10 बजे गंगा के जलस्तर में दो सेमी प्रति घंटे की गति से वृद्धि हो रही थी।

राजघाट गेज पर जलस्तर 69.04 मीटर पर पहुंच गया था। रविदास घाट से उत्तर में नमो घाट तक गंगा की अथाह जलराशि हिलोरें ले रही है। चिरईगांव ब्लॉक में गंगा के तटवर्ती ढाब क्षेत्र के खेतों में लगीं सब्जियां जलमग्न हो चली हैं। अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस का मंच डूब चुका है। दशाश्वमेध घाट पर जलपुलिस चौकी की दहलीज तक पानी पहुंच गया है। गंगा के बढ़ाव पर राजस्व विभाग के कर्मचारी लगातार निगरानी बनाए हैं। एनडीआरएफ एवं जलपुलिस के स्नानार्थियों को सुरक्षित स्नान करने की हिदायत दे रहे हैं।

सलारपुर में पलायन
वरुणा किनारे सलारपुर नाला, चमेलिया बस्ती एवं डिपो कालोनी सलारपुर के निचले इलाकों में बने घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। इनमें से कुछ परिवारों ने ऊपरी क्षेत्रों में बने मकान किराए पर ले लिए हैं। कुछ सामान पहले तल्ले पर रखकर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। छोटी मस्जिद पुरानापुल में नाले के सहारे बाढ़ का पानी घरों की चौखट तक पहुंच गया है। यहां लगभग आधा दर्जन घर बाढ़ के पानी से घिर गए है। दोपहर तक कोई भी परिवार प्राथमिक विद्यालय सलारपुर में बने रहत शिविर में नहीं पहुंचा था।

किसान चिंतित, नष्ट होंगी सब्जियां
चिरईगांव के ढाब क्षेत्र के किसानों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। बाढ़ का पानी अब निचले खेतों में लगी सब्जियों में पहुंचने लगा है। मोकलपुर के किसान लालबिहारी और श्यामबिहारी की दो बीघा से अधिक जमीन में लगी नेनुआ, करैला व कुनरु की फसल डूब गई है। रामचन्दीपुर नखवा के परसू यादव ने सवा बीघा में हरी मिर्च की नर्सरी डाली थी। वहां पानी पहुंच गया है। दूसरे छोर पर कटान से भूमि नदी में समा रही है। बीडीओ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिया सैनी ने शुक्रवार को बाढ़ चौकियों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। क्षेत्र में सफाई, फॉगिंग और ब्लीचिंग पाउडर के लगातार छिड़काव का निर्देश दिया।

एक हफ्ते तेज वर्षा के आसार कम दिख रहे
मानसून द्रोणिका का पश्चिम छोर सामान्य स्थान से उत्तर की ओर खिसक गया है। इसके चलते बनारस में 27 अगस्त तक तेज बारिश के आसार नहीं हैं। बीच-बीच में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबादी हो सकती है। शुक्रवार को पूरे दिन धूपछांव का माहौल बना रहा। इसके चलते तीसरे पहर बाद वातावरण में भारी उमस हावी हो गई। इससे लोग परेशान रहे।

पिसौर और दनियालपुर में किसानों की चिंता बढ़ी
वरुणा के तटवर्ती पिसौर और दनियालपुर में बाढ़ का पानी तेजी से खेतों की ओर बढ़ रहा है। इससे फसलों के डूबने और बर्बाद होने का संकट गहरा गया है। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। किसान पप्पू, अरविंद, संतोष और मोहन का कहना है कि उन्होंने गाढ़ी कमाई लगाकर फसल बोई थी, लेकिन अब बाढ़ का पानी सब कुछ तबाह करने पर आमादा है। संजय ने कहा कि यह बाढ़ 10 दिन बाद आती, तो भिंडी और बोड़ा की फसल आराम से बिक जाती।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports