,

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, चिकित्सा, स्वच्छता एवं शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

शहडोल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में शासन-प्रशासन का प्रमुख…

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, चिकित्सा, स्वच्छता एवं शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

शहडोल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में शासन-प्रशासन का प्रमुख दायित्व प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सहायता एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी रखें और बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न सामग्री, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सेवाओं, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन आवश्यकता के अनुसार तत्काल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। उन्होंने  निर्देश दिए हैं कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था एवं नालों एवं नालियों की सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए। राहत केन्द्रों में खाद्य सामग्री, चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करें।  बाढ़ क्षेत्र से पानी उतरने पर पेयजल स्त्रोतों का शुद्धीकरण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्राथमिकता से बहाल की जाए, बाढ़ क्षेत्र में पशुधन के लिए चारा-पानी की व्यवस्था तथा मृत पशुओं का व्यवस्थित निस्तारण कराया जाए।  फसल क्षति, बाढ़ के कारण हुई मौतों, पशुधन की क्षति, कच्चे मकानों के गिरने का आंकलन कराकर शीघ्र आरबीसी 6-4 के तहत राहत राशि वितरित की जाए। स्कूल एवं महाविद्यालयों का भी प्रबंधन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों की आवश्यकताओं का नियमित आकलन किया जाए तथा आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थाओं को तत्काल बेहतर से बेहतर बनाया जाए। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी बरतें विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां भी प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जाए। बाढ़ के बाद जलभराव, गंदगी और दूषित पेयजल के कारण संक्रामक बीमारियों एवं महामारी के फैलने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखा जाए तथा किसी भी बीमारी के लक्षण सामने आने पर तत्काल उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय कार्रवाई की जाए।

मृत पशुओं का सुरक्षित डिस्पोजल सुनिश्चित करें
अतिवृष्टि एवं बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में मृत पशुओं के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृत पशुओं का खुले में पड़े रहना स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकता है। संबंधित विभाग स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर उनका नियमानुसार सुरक्षित डिस्पोजल सुनिश्चित करें।

स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की स्थिति की निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक माध्यमों से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दूषित जल के उपयोग से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पेयजल की गुणवत्ता की जांच एवं आवश्यक शुद्धिकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्थानीय निकायों एवं संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, जलभराव वाले स्थानों की निगरानी तथा आवश्यकतानुसार कीटाणुनाशक एवं अन्य उपाय किए जाने के निर्देश दिए।

प्रशासन रहे पूरी तरह मुस्तैद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम एवं जलस्तर की स्थिति पर निरंतर नजर रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लिए जाएं तथा नागरिकों को समय पर सूचना एवं आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया जाए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीवा एवं शहडोल संभाग में अति वर्षा से उत्पन्न हुई स्थिति  की जानकारी कमिश्नरों और संबंधित जिले के कलेक्टरों से ली तथा वर्षाकाल में सतत रूप से सतर्क रहने एवं बाढ़ प्रभावित आशंका वाले क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर माकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports