जयपुर
राजस्थान हाईकोर्ट ने 22 गोदाम रेलवे स्टेशन से बी-2 बाइपास तक सड़क पर मौजूद लगभग 310 अतिक्रमणों को 15 दिनों का नोटिस देकर और सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 3 महीने में अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने याचिका को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर लिया है। न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह और न्यायाधीश संदीप तनेजा की खंडपीठ ने सीताराम देवांदा व अन्य द्वारा दायर याचिका तथा इससे जुड़ी अवमानना व विविध याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
जेडीए की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अमित कुमार ने एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया। जेडीए ने शपथ पत्र में यह भी स्वीकार किया कि सड़क के इन तीनों हिस्सों पर अलग-अलग स्थानों पर लगभग 310 अतिक्रमण मौजूद है। सुनवाई के दौरान मध्यस्थ के वकील ने कोर्ट को बताया कि रेलवे अधिकारियों ने भी उक्त सड़क के कुछ हिस्सों पर अतिक्रमण किया हुआ है। अगली सुनवाई 25 नवंबर 2026 को तय की गई हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि देश की कोई भी सिविल अदालत या ट्रिब्यूनल इस सड़क से संबंधित किसी भी अपील या सिविल सूट (दीवानी मामले) पर सुनवाई नहीं करेगा।
22 गोदाम रेलवे स्टेशन से महेश नगर फाटकः 40 फीट
महेश नगर फाटक से गोपालपुरा बाइपासः 60 फीट
गोपालपुरा बाइपास से बी-2 बाइपासः 80 फीट
एमडी रोड पानी-पानी, नाले से अतिक्रमण हटाने की मांग
जयपुर की MD रोड पर सोमवार को जलभराव हो गया है। ऐसे में लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। आनंदपुरी नव युवक विकास समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जेडीए और निगम में कई बार शिकायत कर चुके, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। समिति के महामंत्री गिर्राज प्रसाद शर्मा ने बताया कि नायला हाउस से खरबूजा मंडी तक बरसात में जलभराव से अब तक निजात नहीं मिल पाई है। जबकि, पूर्व में जेडीए-निगम से लेकर स्वायत्त शासन विभाग को भी पत्र लिखा जा चुका है। समिति ने मांग की कि आनंदपुरी के सामने बड़ा नाला है। इसको अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और मुख्य सडक़ की चौड़ाई मास्टरप्लान के अनुरूप की जाए।
















