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हंगामे के बीच PU छात्र संघ चुनाव, छात्रों को मतदान के लिए मिला एक्स्ट्रा टाइम

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में छात्र संघ चुनाव के लिए सोमवार को मतदान जारी है। वोटिंग करने को लेकर छात्रों में उत्साह है। पीयू प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हुए हैं। प्रत्याशी और उनके संगठन के समर्थक वोटर्स को अपने पक्ष में वोट करने के प्रयास में जुटे हैं। इसी बीच…

हंगामे के बीच PU छात्र संघ चुनाव, छात्रों को मतदान के लिए मिला एक्स्ट्रा टाइम

चंडीगढ़.

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में छात्र संघ चुनाव के लिए सोमवार को मतदान जारी है। वोटिंग करने को लेकर छात्रों में उत्साह है। पीयू प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हुए हैं। प्रत्याशी और उनके संगठन के समर्थक वोटर्स को अपने पक्ष में वोट करने के प्रयास में जुटे हैं।

इसी बीच पीयू के लॉ डिपार्टमेंट के बाहर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि वोटिंग का समय सुबह 11 बजे तक था, लेकिन गेट को सुबह 10 बजे ही बंद कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थी दूर-दराज से आए थे और रास्ते में जाम में फंसने के कारण समय पर नहीं पहुंच पाए। गेट समय से पहले बंद होने के चलते वे मतदान नहीं कर सके, जिससे छात्रों में रोष फैल गया। छात्रों ने मौके पर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। पुलिस लॉ डिपार्टमेंट से मत पेटी लेकर जाने लगी थी, जिसकाे विद्यार्थियों ने जाने नहीं दिया। हंगामा बढ़ता देख विद्यार्थियों की मांग मान ली गई और उन्हें वोट करने का अतिरिक्त समय दिया गया।

एबीवीपी-सोई गठबंधन से दिलचस्प हुआ छात्र चुनाव
छात्र परिषद चुनाव से पहले रविवार शाम एबीवीपी और सोई ने गठबंधन कर लिया। दोनों संगठनों के साथ आने की चर्चा पिछले कुछ समय से कैंपस में चल रही थी, लेकिन औपचारिक गठबंधन के बाद चुनावी समीकरण तेजी से बदलने की चर्चा शुरू हो गई है। गठबंधन से एबीवीपी को चुनावी मैदान में मजबूती मिलने के साथ मुकाबला और कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकार इस गठजोड़ को छात्र राजनीति से आगे पंजाब की सियासत के नजरिए से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। छात्र संगठनों की गतिविधियां लंबे समय से बड़े राजनीतिक दलों की रणनीति और युवाओं तक पहुंच से जुड़ी रही हैं। ऐसे में एबीवीपी और सोई का साथ आना आगामी विधानसभा चुनाव के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

गठबंधन के बाद दोनों संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार करेंगे। इससे अन्य छात्र संगठनों के सामने चुनौती बढ़ सकती है। कैंपस में इस गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि गठबंधन का वास्तविक प्रभाव चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल पीयू छात्र परिषद चुनाव में मुकाबला पहले से अधिक रोचक हो गया है। साथ ही युवा राजनीति के बदलते रुझानों को लेकर भी इस गठजोड़ पर नजरें टिक गई हैं। 

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