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मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों को मिली बड़ी सौगात, उज्जैन में बनेगी मलखंब अकादमी

भोपाल मध्यप्रदेश में मलखंब खेल और खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के प्रयासों से बड़ी पहल की जा रही है। प्रदेश में मलखंब खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। लगभग…

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों को मिली बड़ी सौगात, उज्जैन में बनेगी मलखंब अकादमी

भोपाल

मध्यप्रदेश में मलखंब खेल और खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के प्रयासों से बड़ी पहल की जा रही है। प्रदेश में मलखंब खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। लगभग 20 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस अकादमी में खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अकादमी की अधोसंरचना के निर्माण के लिए लगभग 86 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये संचालन व्यय का प्रस्ताव है। इस प्रकार कुल प्रस्तावित राशि लगभग 111.33 करोड़ रुपये होगी।

मलखंब की प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। मंत्री  सारंग ने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मलखंब अकादमी की स्थापना का उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभाओं को कम उम्र से ही वैज्ञानिक एवं उच्च तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जिससे हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

मंत्री  सारंग ने कहा कि अकादमी में खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण के साथ आवास, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान आधारित सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। टैलेंट सर्च के माध्यम से प्रदेशभर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें एक बेहतर प्रशिक्षण वातावरण दिया जाएगा। मंत्री  सारंग ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को खेलों का मजबूत केंद्र बनाना है और इसके लिए अधोसंरचना विकास के साथ खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

खेलो इंडिया में मलखंब खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2025, बिहार में प्रदेश के खिलाड़ियों ने मलखंब में 7 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 10 पदक हासिल किए। इन उपलब्धियों को देखते हुए मलखंब खिलाड़ियों के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाओं के लिए अकादमी की आवश्यकता महसूस की गई। प्रस्तावित अकादमी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

खिलाड़ियों को मिलेगा प्रशिक्षण

मलखंब अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है। इनमें 35 बालक, 15 बालिका, 15 डे-बोर्डिंग बालक और 5 डे-बोर्डिंग बालिका शामिल होंगे। कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग तथा 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे।

स्थायी अधोसंरचना तैयार होने तक वर्ष 2026-27 एवं 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, नानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस चरण में 30 बालक और 10 बालिका, कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा। खिलाड़ियों का चयन टैलेंट सर्च के माध्यम से किया जाएगा। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए आवास की व्यवस्था विभाग द्वारा की जाएगी।

खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक एवं खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण

अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक एवं उच्च तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उच्च तकनीकी सलाहकार एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध आधार पर लेने का प्रावधान है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट तथा दो मसाजर एक महिला और एक पुरुष की व्यवस्था प्रस्तावित है।

उज्जैन बनेगा मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी

अकादमी के संचालन एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। प्रारंभिक चरण में उपलब्ध विभागीय अमले से अकादमी की दैनिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं।

प्रस्तावित अकादमी के माध्यम से मध्यप्रदेश में मलखंब के लिए एक संगठित उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र विकसित होगा। स्थायी अधोसंरचना तैयार होने तक उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल से प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसके बाद अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अकादमी प्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

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