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पंजाब में जातिगत जनगणना की तैयारी तेज, 16 नवंबर से सेल्फ एन्यूमरेशन; 1 दिसंबर से शुरू होगा अभियान

चंडीगढ़  पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जनगणना का काम पूरा होगा। केंद्र सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार Punjab Census News का मुख्य चरण एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक चलेगा। इससे पहले लोगों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए 16 से 30…

पंजाब में जातिगत जनगणना की तैयारी तेज, 16 नवंबर से सेल्फ एन्यूमरेशन; 1 दिसंबर से शुरू होगा अभियान

चंडीगढ़
 पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जनगणना का काम पूरा होगा। केंद्र सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार Punjab Census News का मुख्य चरण एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक चलेगा। इससे पहले लोगों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

मुख्य चरण के बाद पांच से नौ जनवरी 2027 तक दोबारा जांच का काम किया जाएगा। इस बार की जनगणना कई मायनों में महत्वपूर्ण होगी। लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें परिवार और आवास से जुड़ी जानकारी के साथ जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार, भाषा, प्रवास और कोविड-19 टीकाकरण सहित कई जानकारियां दर्ज की जाएंगी।

इस दौरान 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें जाति धर्म, कोविड वैक्सीन लगाने से लेकर सारी जानकारी शामिल रहेगी। केंद्र सरकार की राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) के फैसले के तहत इस बार जनगणना में जातिगत जनगणना को भी शामिल किया गया है। पंजाब में होने वाली जनगणना में भी जाति संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी।

पंजाब सरकार के समन्वय से पूरा होगा काम

पूरी जनगणना को डिजिटल बनाने के लिए मोबाइल एप तैयार किए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस महाअभियान के लिए 11,718.24 करोड़ का बजट मंजूर किया है। जनगणना का काम पंजाब सरकार के समन्वय से पूरा किया जाएगा।

केंद्र सरकार की राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के फैसले के बाद इस बार जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। ऐसे में पंजाब में भी लोगों से उनकी जाति से संबंधित जानकारी ली जाएगी।

2011 की जनगणना 2.77 करोड़ आबादी थी

2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब की कुल आबादी 2.77 करोड़ थी, जिसमें 1.46 करोड़ पुरुष और 1.31 करोड़ महिलाएं थीं। राज्य की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 13.89% रही, जबकि जनसंख्या घनत्व 551 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर और लिंगानुपात 895 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष था।

पंजाब की कुल साक्षरता दर 75.84% थी, जिसमें पुरुष साक्षरता 80.44% और महिला साक्षरता 70.73% रही। राज्य की 62.52% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में, जबकि 37.48% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती थी।

पहचान और परिवार से जुड़े 12 सवाल
जनगणना में पहचान और परिवार से जुड़े 12 सवाल होंगे। इनमें व्यक्ति का नाम, लिंग, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, धर्म, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति तथा जाति, माता-पिता का नाम आदि की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा परिवार के सदस्यों से संबंधित आवश्यक विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।

शिक्षा और भाषा से जुड़े सवालों में व्यक्ति की साक्षरता के साथ डिजिटल साक्षरता की जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और अध्ययन की शाखा से संबंधित जानकारी दर्ज होगी। रोजगार की स्थिति जानने के लिए पिछले एक वर्ष में काम किया या नहीं, आर्थिक गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय, उद्योग या व्यापार का प्रकार तथा काम की जगह तक पहुंचने के लिए की जाने वाली यात्रा से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।

बच्चों और प्रवास का भी बनेगा आंकड़ा
जन्म और प्रवास से संबंधित जानकारी में वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जन्मे कुल बच्चों की संख्या और पिछले एक वर्ष में जन्मे बच्चों की संख्या दर्ज की जाएगी। इससे राज्य में जन्म दर और आबादी में हो रहे बदलाव की तस्वीर सामने आएगी।

जनगणना के दौरान आधार संख्या, मतदाता पहचान पत्र संख्या, पासपोर्ट संख्या और वाहन चलाने के लाइसेंस की उपलब्धता से संबंधित जानकारी भी मांगी जाएगी। इसके साथ कुल बैंक खातों, मोबाइल नंबर और कोविड-19 टीकाकरण की जगह की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

पंजाब सरकार से होगा तालमेल
पूरे अभियान को डिजिटल तरीके से संचालित करने की तैयारी है। इसके लिए मोबाइल आधारित अनुप्रयोग तैयार किए गए हैं। केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। पंजाब में जनगणना का काम राज्य सरकार के समन्वय से पूरा किया जाएगा।

यूपी समेत इन राज्यों में शुरू होने वाली है जनगणना

लद्दाख के बाद अब चार अन्य राज्यों में 1 दिसंबर से जनगणना 2027 की शुरुआत होने जा रही है। गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में जनसंख्या की गणना एक दिसंबर, 2026 से चार जनवरी, 2027 तक की जाएगी। अगले साल की शुरुआत में जिन राज्यों में चुनाव होने की संभावना है, वहां जनगणना की यह प्रक्रिया पहले शुरू की जा रही है।
16 नवंबर से खुल जाएगी स्व-गणना

भारत के महापंजीयक (RGI) एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने राजपत्र अधिसूचना में कहा कि इन क्षेत्रों के नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना का विकल्प अपना सकते हैं। अधिसूचना में कहा गया है, ''गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड राज्य के बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर बाकी इलाकों में जनसंख्या की जनगणना एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक की जाएगी। इसके बाद पांच जनवरी 2027 से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण चरण आयोजित किया जायेगा।'
लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में बर्फ वाले इलाकों में चल रही जनगणना

इसमें कहा गया कि गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों के लिए जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि पांच जनवरी 2027 की रात 12 बजे होगी। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि एक अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे होगी।'' पिछले महीने जारी एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों में जनसंख्या की गणना एक सितंबर से 30 सितंबर तक की जाएगी।
मई में खत्म हो रहा इन विधानसभाओं का कार्यकाल

जून 2025 को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया था कि लद्दाख, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 होगी। गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 तक समाप्त हो जायेगा।

एक अधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी, मुख्य रूप से शिक्षक, जनगणना और चुनावी कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में इन दोनों प्रक्रियाओं को एक साथ संचालित करना मुश्किल हो जाता है। शनिवार को आरजीआई द्वारा जारी एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र सरकार ने मणिपुर में जनगणना 2027 के लिए मकान-सूचीकरण का कार्य भी स्थगित कर दिया है। स्वतंत्रता के बाद होने वाली आठवीं जनगणना दो चरणों में कराई जा रही है-पहले चरण को मकान-सूचीकरण और आवास जनगणना कहा जाता है, जबकि दूसरे चरण को जनसंख्या की गणना कहा जाता है।

2011 में साक्षरता 75.84% थी
पंजाब में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। उस समय राज्य की आबादी करीब 2.77 करोड़ थी। इसमें 1.46 करोड़ पुरुष और 1.31 करोड़ महिलाएं थीं। दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 13.89 प्रतिशत रही थी। जनसंख्या घनत्व 551 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर और लिंगानुपात 895 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष था।

वर्ष 2011 में पंजाब की साक्षरता दर 75.84 प्रतिशत थी। पुरुष साक्षरता 80.44 प्रतिशत और महिला साक्षरता 70.73 प्रतिशत रही। राज्य की 62.52 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 37.48 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती थी। नई जनगणना से पंजाब की वर्तमान आबादी, सामाजिक संरचना, जातिगत स्थिति, शिक्षा, रोजगार और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों की नई तस्वीर सामने आएगी। 

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