,

महिला एवं बाल विकास आयुक्त संदीप ने इंदौर में बाल संस्थाओं का किया निरीक्षण

भोपाल  आयुक्त महिला एवं बाल विकास  संदीप जी.आर. ने पदभार संभालते ही विभागीय योजनाओं और संस्थाओं की जमीनी स्थिति की पड़ताल शुरू कर दी है। शुक्रवार को उन्होंने इंदौर पहुंचकर छावनी स्थित राजकीय बाल आश्रम, ऑब्जर्वेशन होम (संप्रेक्षण गृह), स्पेशल होम और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों और महिलाओं से…

महिला एवं बाल विकास आयुक्त  संदीप ने इंदौर में बाल संस्थाओं का किया निरीक्षण

भोपाल 

आयुक्त महिला एवं बाल विकास  संदीप जी.आर. ने पदभार संभालते ही विभागीय योजनाओं और संस्थाओं की जमीनी स्थिति की पड़ताल शुरू कर दी है। शुक्रवार को उन्होंने इंदौर पहुंचकर छावनी स्थित राजकीय बाल आश्रम, ऑब्जर्वेशन होम (संप्रेक्षण गृह), स्पेशल होम और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को जाना तथा संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।

राजकीय बाल आश्रम के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वहां निवासरत बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थाओं में बच्चों से संबंधित सभी अभिलेख व्यवस्थित और अद्यतन रूप से संधारित किए जाएं। इसके बाद ऑब्जर्वेशन होम और स्पेशल होम पहुंचे आयुक्त ने वहां रह रहे बच्चों से भी विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की समस्याओं, पढ़ाई और कैरियर को लेकर उनकी रुचियों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण पर जोर

आयुक्त  संदीप जी.आर. ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल संस्थाओं में रह रहे बच्चों की नियमित पढ़ाई और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल संस्थागत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। इसके लिए बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़े जाने के निर्देश दिए।

वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा

राजकीय बाल आश्रम परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान आयुक्त  संदीप ने संकट और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही आपातकालीन सहायता, परामर्श और विधिक सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने सेंटर में मौजूद महिलाओं से बातचीत कर वहां उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सेवाओं के बारे में उनकी राय जानी। अधिकारियों से भी विभिन्न सेवाओं की स्थिति और उनके प्रभावी संचालन की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सभी संस्थाओं में स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को संस्थाओं की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

फीडबैक के आधार पर सेवाओं में सुधार पर जोर

आयुक्त  संदीप ने कहा कि बच्चों और महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए। इसके लिए उनसे नियमित रूप से फीडबैक लिया जाए और उनकी समस्याओं एवं सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल संस्थाओं में बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed