टीचर्स ट्रांसफर में बड़ा बदलाव: यूनिक आईडी से जुड़ेगा पूरा सर्विस रिकॉर्ड, ऑनलाइन होगा आवेदन

नई दिल्ली सरकारी स्कूलों के टीचर्स के ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर रही है, जिसमें टीचर्स का ट्रांसफर पॉइंट सिस्टम के आधार पर होगा। टीचर्स का एक यूनिक आईडी भी बनेगा, जिसमें उनका पूरा सर्विस रिकॉर्ड होगा। सूत्रों की मानें तो सरकार…

टीचर्स ट्रांसफर में बड़ा बदलाव: यूनिक आईडी से जुड़ेगा पूरा सर्विस रिकॉर्ड, ऑनलाइन होगा आवेदन

नई दिल्ली
सरकारी स्कूलों के टीचर्स के ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर रही है, जिसमें टीचर्स का ट्रांसफर पॉइंट सिस्टम के आधार पर होगा। टीचर्स का एक यूनिक आईडी भी बनेगा, जिसमें उनका पूरा सर्विस रिकॉर्ड होगा। सूत्रों की मानें तो सरकार 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े के दौरान इसका ऐलान कर सकती है।

अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर दिए जाएंगे अंक
अधिकारियों के मुताबिक नई टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी में सबसे अहम हिस्सा पॉइंट आधारित ट्रांसफर सिस्टम होगा। इसमें अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर टीचर्स को अंक दिए जाएंगे और कुल अंक के आधार पर उपलब्ध रिक्तियों में ट्रांसफर की प्राथमिकता तय होगी। हालांकि, किन परिस्थितियों के लिए कितने अंक मिलेंगे, इसका अंतिम फैसला किया जा रहा है। टीचर्स की पारिवारिक स्थिति, शारीरिक अक्षमता, महिला और सिंगल पैरंट्स जैसी स्थितियों पर भी अंक मिलेंगे।

यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना
प्रस्तावित पॉलिसी में प्रत्येक टीचर को एक यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना है। इसके जरिए टीचर का पूरा सर्विस रिकॉर्ड, वर्तमान स्कूल में कार्यकाल, पूर्व पोस्टिंग और अन्य जरूरी जानकारियों का एक सेंट्रलाइज डेटाबेस भी बनेगा। टीचर्स पोर्टल पर अपनी जानकारी देख सकेंगे और ट्रांसफर विंडो खुलने पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनात टीचर्स को अतिरिक्त वेटेज देने पर भी विचार हो रहा है।

हरियाणा मॉडल का अध्ययन
सरकार ने हरियाणा मॉडल का भी अध्ययन किया है। हरियाणा में कंप्यूटराइज्ड सर्विस रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर खाली पदों का आवंटन किया जाता है। वहां कुल 80 अंकों में उम्र को 60 अंक का प्रमुख आधार बनाया गया है, जबकि 20 अंक विशेष श्रेणियों के लिए रखे गए है। इनमें महिला कर्मचारी, कुछ श्रेणियो की सिंगल महिलाएं, विधवा-विधुर और कपल केस शामिल है। इसमे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से प्राथमिकता मिलेगी

वेरिफिकेशन के बाद ट्रांसफर
ट्रांसफर से पहले शिक्षकों से व्यक्तिगत और सर्विस रिकॉर्ड ऑनलाइन सत्यापित कराने की योजना है। विभाग रिकॉर्ड के आधार पर अंक तय कर उन्हें पब्लिक कर सकता है। इसके बाद टीचर्स अपने रिकॉर्ड या पॉइंट को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम ट्रांसफर सूची जारी होगी। ट्रांसफर से पहले स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या, स्वीकृत पद और विषयवार शिक्षको की जरूरत का डेटा की भी मैपिंग की जाएगी

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports