अमृतसर
एसजीपीसी की ओर से निकाले जा रहे मीरी-पीरी खालसा मार्च के अंतिम चरण के दौरान संभावित खलल को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय ने प्रशासन को सतर्क किया है। सचिवालय के इंचार्ज बगीचा सिंह ने कहा कि विश्वसनीय जानकारी मिली है कि कुछ शरारती तत्व अंतिम दो दिनों में मार्च में व्यवधान पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मीरी-पीरी खालसा मार्च का तीसरा चरण 25 सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में संपन्न होगा। पहले, दूसरे और तीसरे चरण के दौरान पंजाब के सैकड़ों गांवों, शहरों और कस्बों में सिखी के प्रचार-प्रसार का अभियान चलाया गया। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह समेत प्रमुख धार्मिक हस्तियों और प्रचारक जत्थों ने संगत को संबोधित किया।
सचिवालय के मुताबिक, मार्च के दौरान बड़ी संख्या में सिख युवाओं ने सिख स्वरूप बनाए रखने और नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है। बगीचा सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकारी शह पर मार्च में खलल डालकर संगत में इसके प्रति नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने भी चेतावनी दी है कि यदि अंतिम दो दिनों में किसी व्यक्ति की ओर से मार्च में व्यवधान पैदा किया जाता है और संगत उसका विरोध करती है तो ऐसी स्थिति के लिए पंजाब सरकार और संबंधित प्रशासन जिम्मेदार होगा।
श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय ने अमृतसर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मार्च के निर्धारित पड़ावों और रूट पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। साथ ही संभावित शरारती तत्वों की पहचान कर किसी भी अप्रिय घटना को पहले ही रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
















