रोज-रोज वही सब्जी-रोटी खाकर अक्सर मन भर जाता है और समझ नहीं आता कि रात के खाने में क्या हल्का और स्वादिष्ट बनाया जाए. ऐसे में ताजी हरी मटर डालकर तैयार की गई काठियावाड़ी मसाला खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है. मूंग दाल, चावल, हरी मटर, खड़े मसालों और देसी घी के स्पेशल तड़के से बनी यह खिचड़ी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि पौष्टिकता से भी भरपूर होती है.
इसका तीखा और चटपटा स्वाद इतना कमाल का होता है कि जो बच्चे अक्सर खिचड़ी का नाम सुनते ही मुंह बनाते हैं, वे भी इसे बहुत चाव से खाएंगे. दही, पापड़ और अचार के साथ परोसी गई यह गरमा-गरम खिचड़ी आपके पूरे परिवार का दिल जीत लेगी. आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान विधि!
सामग्री
1 कप चावल (लगभग 200 ग्राम)
1 कप धुली हुई पीली मूंग दाल (लगभग 200 ग्राम)
1 बड़ा प्याज़, बारीक कटा हुआ
1 बड़ा आलू, टुकड़ों में कटा हुआ
1/2 कप हरी मटर (लगभग 75 ग्राम)
6-7 लहसुन की कलियां, बारीक कटी हुई
1 छोटा टुकड़ा अदरक, कद्दूकस किया हुआ
1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हुआ हरा लहसुन
1 बड़ा टमाटर, बारीक कटा हुआ
1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
4 बड़े चम्मच तेल
1 छोटा चम्मच जीरा
1 चुटकी हींग
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला
जरूरत के अनुसार
बनाने का तरीका
चावल और दाल को धो लें, फिर उन्हें प्रेशर कुकर में नमक, हल्दी, आलू, हरी मटर और 4 कप पानी के साथ डालें. नरम और अच्छी तरह पकने तक पकाएं.
एक पैन में तेल गरम करें. हींग और जीरा डालें और भूनें. अदरक और लहसुन डालें और 1 मिनट तक भूनें. प्याज डालें और एक और मिनट तक भूनें. हरा लहसुन डालें और थोड़ी देर भूनें.
टमाटर, हरी मिर्च, नमक, हल्दी और गरम मसाला डालें. अच्छी तरह मिलाएँ और तेल अलग होने तक पकाएँ.
1/2 से 1 कप पानी डालें और उबाल आने दें. पकी हुई खिचड़ी डालें, अच्छी तरह मिलाएँ और 2 मिनट तक पकाएँ. कटा हुआ हरा धनिया मिलाएँ.
गरम खिचड़ी पर घी डालें और तुरंत परोसें.
















