जमुई
जमुई कांड की पीड़िता ने अपने माता-पिता और परिवार के लोगों के साथ गुरुवार को लोकसेवक आवास में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास में पीड़िता और उसके परिवार से बात की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उक्त घट की पूरी जानकारी ली और दुख व्यक्त किया और परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा जताया। साथ ही दोषियों को जल्द कानूनी दंड दिलाने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि जमुई में छात्रा के साथ हुई घटना के मामले में दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सुनवाई करा एक माह में सजा दिलाई जायेगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पीड़िता के माता-पिता ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ बहुत गलत व्यवहार किया गया लेकिन, सरकार और प्रशासन ने काफी तेजी से कार्रवाई की। जिन लोगों ने बेटी को प्रताड़ित किया उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। मुख्य आरोपी नंदन यादव के एनकाउंटर पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मिली तो खुशी मिली कि बदमाशों को सीख मिलेगी जो बेटियों पर बुरी नजर रखते हैं। किसी की बेटी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। कार्रवाई होने के बाद अब डर नहीं लगता है। सीएम बुलाए थे। उनसे मिलकर काफी अच्छा लगा।
सीएम ने मेरी बेटी को अपनी बेटी कहा
पीड़िता की मां ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मेरी बेटी को अपनी बेटी कहा। उन्होंने बिना डर भय के पढ़ाई करने और आगे बढ़ने की सीख दी है। इससे बेटी का मनोबल बढ़ा और वह पहले से ठीक हुई। परिजनों को सीएम ने आश्वासन दिया है कि कोई भी दिक्कत होगी तो सरकार उनके साथ है। बच्ची के पिता ने कहा कि जो भी आरोपी गिरफ्तार हुए हैं उन्हें कठोर सजा मिलना चाहिए। मामला सामने आने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की जिससे कानून व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है।
सीएम पर विश्वास करें
परिजनों ने यह भी कहा कि सरकार सबकी सुनती है और कार्रवाई करती है। सम्राट चौधरी ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो गलत करने वालों को सजा देते हैं। आमजनों को भी उनपर भरोसा करना चाहिए। वे सबकी बात अच्छे से सुनते हैं और समाधान करते हैं।
225 आईडी पर केस दर्ज
जमुई छात्रा से छेड़खानी मामले में कुल 225 सोशल मीडिया आईडी पर भी मामला दर्ज किया है। साथ ही तीन लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। जमुई के एसपी और डीएम ने कहा कि स्पीडी ट्रायल के लिए कोर्ट से समन्वय करने को एसडीपीओ और डीडीसी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस केस में स्पीडी ट्रायल से सजा दिलाने की बात जमुई डीएम नवीन ने कही है। इसके लिए एक महिला आईएएस और महिला आईपीएस को जिम्मा दिया गया है कि कोर्ट से आग्रह करके 15 से 20 दिनों में सजा दिलाने का प्रयास करें।
















