,

बस्तर से रायगढ़ तक बाढ़ का कहर, 16 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

रायपुरबीजापुरजीपीएमदुर्ग छत्तीसगढ़ में तीन दिन बारिश तबाही लेकर आई. कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. शहरों में पुल पुलियों के ऊपर से पानी बहने लगा. दुर्ग रायपुर का संपर्क कट गया. गरियाबंद धमतरी के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया. ग्रामीण क्षेत्रों में कई घर बाढ़ के पानी से भर…

बस्तर से रायगढ़ तक बाढ़ का कहर, 16 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

रायपुरबीजापुरजीपीएमदुर्ग
छत्तीसगढ़ में तीन दिन बारिश तबाही लेकर आई. कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. शहरों में पुल पुलियों के ऊपर से पानी बहने लगा. दुर्ग रायपुर का संपर्क कट गया. गरियाबंद धमतरी के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया. ग्रामीण क्षेत्रों में कई घर बाढ़ के पानी से भर गए, लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी. शनिवार देर रात से बारिश की रफ्तार कुछ कम हुई. रविवार सुबह से बारिश थम गई, जिसके बाद अब हालात पटरी पर आने लगे हैं। 

सुकमा दौरे पर सीएम विष्णुदेव साय
सीएम विष्णुदेव साय आज बस्तर और सुकमा जिले दौरे पर पहुंच रहे हैं. सीएम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और राहत शिविरों में जाएंगे. साय प्रभावित परिवारों के घरों तक जाकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और उनकी बात कर उनकी परेशानी सुनेंगे. मुख्यमंत्री अधिकारियों से नुकसान का जायजा लेंगे। 

रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत 12 जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। तापमान की बात करें तो दुर्ग 31.6 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं अंबिकापुर और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया।

बारिश थमने के बाद अब नदी-नालों का पानी उतर गया है। रायपुर के महादेवघाट पुल से लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। अमलेश्वर जाने वाला यह रास्ता पिछले दो दिन से बंद था।

महादेवघाट में गणेश विसर्जन के लिए केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं प्रदेश में उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग बह गए। इनमें 3 लोगों की मौत हो गई।

इन्द्रावती नदी पार फंसे कर्मचारियों का रेस्क्यू
बीजापुर जिले मे लगातार बारिश और बाढ़ के बीच इन्द्रावती नदी पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी एवं सर्वेयर सहित 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बीजापुर लाया गया. जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद सभी कर्मचारियों का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई. बता दें कि गिरदावरी सर्वे कार्य के लिए पटवारी एवं सर्वेयर का 6 सदस्यीय दल बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी क्षेत्र में गया था. इसी दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ गया और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने से कर्मचारी वहीं फंस गए। 

बीजापुर में बाढ़ में फंसे कर्मचारी एयरलिफ्ट
कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विश्वदीप ने तत्काल रेस्क्यू की कार्रवाई के निर्देश दिए. प्रशासन ने बिना समय गंवाए एयरलिफ्ट की व्यवस्था कर सभी 6 कर्मचारियों को सुरक्षित जिला मुख्यालय पहुंचाया.जिला अस्पताल में कलेक्टर विश्वदीप की उपस्थिति में कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली. सुरक्षित लौटे कर्मचारियों के चेहरे पर राहत और अपनों से दोबारा मिलने की खुशी साफ दिखाई दी. कलेक्टर ने कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए कर्मचारियों के कार्य की सराहना की। 

कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि बाढ़ और आपदा की परिस्थितियों में जिला प्रशासन पूरी सजगता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है. प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राहत एवं बचाव दल लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। 

बीजापुर: सात दिनों से फंसे पटवारियों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
बीजापुर में इंद्रावती नदी की बाढ़ के कारण सात दिनों से फंसे दो पटवारी सहित आधा दर्जन कर्मचारियों का रेस्क्यू सफल रहा। 27 सितंबर को नईदुनिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने तत्परता दिखाई। कलेक्टर विश्वदीप की पहल पर रविवार शाम को हेलीकॉप्टर से इन सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बीजापुर हेलीपैड पर उतरते ही सभी को जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया।

कर्मचारियों का दल एक सप्ताह पहले राजस्व सर्वे के कार्य से नाव से इंद्रावती नदी पार कर अंदरूनी गांवों में गया था। दल में दो पटवारी, दो चैनमेन और दो सर्वेयर शामिल थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वापसी का रास्ता बंद हो गया। कर्मचारियों के दो दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे थे। SDM भैरमगढ़ विकास सर्वे ने बताया कि प्रशासन ने दो बार रेस्क्यू टीम को नदी तक भेजा, लेकिन तेज बहाव के कारण टीम लौट गई। कुछ कर्मचारियों के बीमार होने पर कलेक्टर ने वायुसेना से हेलीकॉप्टर की मांग की, जिसके बाद सभी को सुरक्षित लाया गया।

रायगढ़: महानदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर, गांवों में घुसा पानी
रायगढ़ में लगातार बारिश के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ने से रायगढ़ और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पुसौर क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील के रानीडीह-पोरथ मार्ग, कोर्रा और आसपास के गांवों में पानी घुस गया है। खेत, गलियां और सड़कें जलमग्न होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है।

महानदी में बढ़ते जलप्रवाह का असर कलमा बैराज में भी साफ दिखाई दे रहा है। 27 सितंबर की सुबह 11 बजे बैराज का जलस्तर 199.35 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर 198.50 मीटर से 0.85 मीटर अधिक है। बैराज का पूर्ण जलस्तर 197 मीटर बताया गया है। शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार जलस्तर खतरे के निशान से करीब सवा मीटर ऊपर पहुंच गया था। टाटी क्षेत्र के खेतों में पानी भर गया है और कल्याण गांव की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी पहुंच गया है।

अंबिकापुर: कनहर नदी में 14 घंटे तक फंसे रहे तीन ग्रामीण
अंबिकापुर में बलरामपुर विकासखंड के कोटपाली-खजुरी में कनहर नदी के तेज बहाव के बीच तीन ग्रामीण करीब 14 घंटे तक फंसे रहे। जिला प्रशासन, नगर सेना के गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने रात करीब 12 बजे नाव के सहारे तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। तीनों की हालत सामान्य है।

रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में ग्राम कोठली निवासी सरजू राम (45), उनकी पत्नी राजकुमारी (40) और ग्राम जाबगड़ी निवासी फूलमनिया (30) शामिल हैं। तीनों शुक्रवार को रिश्तेदार के यहां मेहमानी के लिए कोटपाली आए थे। शनिवार सुबह करीब 10 बजे वे अपने गांव लौटने के लिए कनहर नदी पार कर रहे थे। जलस्तर कम होने के कारण वे पैदल नदी पार करने लगे, लेकिन बीच धार में पहुंचते ही पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ गया। दोपहर बाद ग्रामीणों ने उन्हें देखा और प्रशासन को सूचना दी। तेज बहाव और अंधेरे के कारण शुरुआती दो प्रयास विफल रहे।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकले रायपुर कलेक्टर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने रविवार को विभिन्न इलाकों और राहत शिविरों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। 

श्रीलंका नगर बस्ती में हालात का लिया जायजा
कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अधिकारियों के साथ श्रीलंका नगर बस्ती पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं. कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला चांदनीडीह और शासकीय प्राथमिक शाला घनश्याम नगर डिपरापारा में बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने शिविरों में ठहरे लोगों से बातकर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं की जानकारी ली. प्रभावित परिवारों की राहत और पुनर्वास के लिए कार्ययोजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। 

राशन, दवाइयों और कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए. राहत शिविरों में भोजन और राशन के साथ आवश्यक दवाइयों और कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी। 

प्रभावितों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता भी जांची
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीसीपी पश्चिम रॉबिंसन गुड़िया ने राहत शिविर में प्रभावित लोगों को वितरित किए जा रहे भोजन को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की. कलेक्टर ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के साथ प्रभावितों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 

गौरेला पेंड्रा मरवाही में बरसाती झरने 
बारिश के बाद ठाड़पथरा स्थित माई की मड़वा का झरना भी पूरे वेग से बह रहा है. यहां नदी में पानी का बहाव काफी तेज है. इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे नदी पार करते दिखाई दिए. तेज बहाव के बीच इस तरह नदी पार करना हादसे को न्योता दे सकता है.दुर्गाधारा जलप्रपात में भी बारिश के बाद पानी का प्रवाह बढ़ गया है. पहाड़ी से तेज गति से गिरते पानी का नजारा देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. जलप्रपात के आसपास हरियाली और बारिश के बाद बदला प्राकृतिक वातावरण लोगों को आकर्षित कर रहा है. मरकंटक मार्ग पर कई अन्य स्थानों पर भी बरसाती झरने सक्रिय हो गए हैं, जहां सड़क से गुजरने वाले लोग अपने वाहनों को रोककर प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे हैं. पर्यटक इन झरनों के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर यादगार पलों को मोबाइल कैमरे में कैद कर रहे हैं। 

बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने बारिश के बीच मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया. ग्राम अंड्री, थाना गंगालूर क्षेत्र की चार वर्षीय बालिका के घायल होने की सूचना मिलने पर सीआरपीएफ जवानों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। 

26 सितंबर 2026 को ग्राम अंड्री की चार वर्षीय बालिका खेलते समय घायल हो गई थी. चोट के कारण बालिका को तत्काल उपचार की आवश्यकता थी. लेकिन बारिश के कारण नदी नाले उफान पर है. ऐसे समय में 199 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट आनंद कुमार एवं 85 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट सुनील कुमार राही के निर्देशन में जवानों ने बालिका को बाइक एंबुलेंस के माध्यम से 85 बटालियन सीआरपीएफ के मुतवंडी कैंप तक पहुंचाया. मुतवंडी कैंप से 85 बटालियन की एंबुलेंस के माध्यम से घायल बालिका को जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया. समय पर चिकित्सा सहायता और सीआरपीएफ जवानों के समन्वित प्रयासों के चलते बालिका का इलाज हो सका. बच्ची की स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports