,

233 स्थानों पर अवैध खनन का मामला, पंजाब हाईकोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह का दिया समय

 चंडीगढ़  पंजाब के पठानकोट और गुरदासपुर जिलों में कथित अवैध खनन के मामलों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट में राज्य में 233 स्थानों पर अवैध खनन गतिविधियों की पहचान होने के बाद हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर जिम्मेदार व्यक्तियों और अधिकारियों के खिलाफ उचित…

233 स्थानों पर अवैध खनन का मामला, पंजाब हाईकोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह का दिया समय

 चंडीगढ़ 

पंजाब के पठानकोट और गुरदासपुर जिलों में कथित अवैध खनन के मामलों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट में राज्य में 233 स्थानों पर अवैध खनन गतिविधियों की पहचान होने के बाद हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर जिम्मेदार व्यक्तियों और अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जा सकती है।

मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने 24 सितंबर 2026 को गुरबीर सिंह पन्नू बनाम भारत संघ तथा इससे संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किए। मामला पठानकोट और गुरदासपुर जिलों में कथित अवैध खनन गतिविधियों से जुड़ा है।

48 घंटे में हलफनामा दाखिल करने का आदेश
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देशों के बावजूद पंजाब के खनन निदेशक की ओर से हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। इस पर अदालत ने 48 घंटे के भीतर हलफनामा दाखिल करने और उसकी अग्रिम प्रति याचिकाकर्ताओं के वकीलों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया। 

233 स्थानों की रिपोर्ट के बाद बढ़ी सख्ती
अदालत ने कहा कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग की तीन जुलाई 2026 की रिपोर्ट में राज्य के 233 स्थानों पर अवैध खनन की पहचान की गई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने और मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित अधिकारी समय रहते उचित कार्रवाई नहीं करते हैं तो अगली सुनवाई में उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा हलफनामे के माध्यम से अदालत में पेश करना होगा।

16 नवंबर को अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 के लिए निर्धारित की है। इस दौरान राज्य सरकार को बताना होगा कि अवैध खनन वाले चिन्हित स्थानों पर क्या कार्रवाई की गई और जिम्मेदार व्यक्तियों व अधिकारियों के खिलाफ कौन-कौन से कदम उठाए गए। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports