,

केचुआ की तलाश में पहुंची पुलिस को मिला करैत, म्यूल खाते की जांच ने खोला 176 FIR का राज

राजनांदगांव  छत्तीसगढ़ की मोहला-मानपुर पुलिस ने साईबर ठगी से जुड़े एक म्यूल बैंक खाते की जांच से देश के 14 अन्य राज्यों में साइबर ठगी के नेटवर्क का राजफाश किया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल से मुख्य आरोपित आदित्य रजक (22) और सहआरोपित सुमन वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक अन्य आरोपित…

केचुआ की तलाश में पहुंची पुलिस को मिला करैत, म्यूल खाते की जांच ने खोला 176 FIR का राज

राजनांदगांव

 छत्तीसगढ़ की मोहला-मानपुर पुलिस ने साईबर ठगी से जुड़े एक म्यूल बैंक खाते की जांच से देश के 14 अन्य राज्यों में साइबर ठगी के नेटवर्क का राजफाश किया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल से मुख्य आरोपित आदित्य रजक (22) और सहआरोपित सुमन वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक अन्य आरोपित कृष्णा चौधरी को पुलिस ने अगस्त में दबोचा था। जांच में म्यूल अकाउंट से एक लाख 71 हजार से अधिक लेन-देन के मामले मिले हैं। मोहला-मानपुर पुलिस के मुताबिक करीब आरोपितों पर करीब 14 राज्य में 176 एफआइआर दर्ज हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि मामले की शुरुआत खड़गांव थाने में दर्ज अपराध से हुई। जनवरी 2026 में पीड़िता से ठगी के 3,12,348 रुपये नौ बैंक खातों में भेजे गए थे। लेनदेन की जांच में म्यूल बैंक खाता संख्या 211071614 सामने आया, जिसमें 60 हजार रुपये का लेनदेन मिला। तकनीकी और बैंकिंग विश्लेषण में इस खाते की कड़ियां देशभर में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़ती चली गईं।

देश के 14 राज्यों में दर्ज एफआईआर

इनमें कर्नाटक में 54, बिहार में 46, तेलंगाना में 28, उत्तर प्रदेश में 10, केरल में आठ, महाराष्ट्र में सात, हरियाणा और तमिलनाडु में छह-छह, दिल्ली में चार तथा पश्चिम बंगाल में तीन एफआईआर शामिल हैं। अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और राजस्थान में भी एक-एक मामला दर्ज मिला। गिरोह से जुड़ी 31 शिकायतें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में भी मिली हैं। अंबागढ़ चौकी में 15, खड़गांव में नौ, मोहला में तीन, मानपुर में दो तथा गोटाटोला और मदनवाड़ा में एक-एक शिकायत दर्ज है।
तहखाने में छिपा था आरोपी

पुलिस के अनुसार, मुख्य सरगना आदित्य रजक पश्चिम बंगाल में किराए के एक मकान के तहखाने में छिपा था। लगातार ठिकाने बदल रहे आरोपितों को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 27 सितंबर को पकड़ा गया। पश्चिम बंगाल में तीन दिन पूछताछ के बाद उन्हें मोहला-मानपुर लाया गया। गिरफ्तार आरोपितों में आदित्य रजक, कृष्णा चौधरी और सुमन वर्मा शामिल हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया है।
लेनदेन की कड़ियां जांच रही पुलिस

कार्रवाई खड़गांव थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक अब्दुल रियाज और टीम ने की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है। अब तक इस वर्चुअल खाते में कितनी रकम आई इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।
आदित्य और कृष्णा मिलकर चला रहे थे गिरोह

पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह को आदित्य रजक और कृष्णा चौधरी मिलकर चला रहे थे। ये दोनों ही बार-बार जगह बदल कर किराए के मकान में रहते थे। दोनों ही उत्तरप्रदेश के मूल निवासी बताए जा रहे हैं। आरोपितों को बंगाली भाषा भी नहीं आती। पुलिस ने आदित्य को 14 अगस्त को पश्चिम बंगाल से ही पकड़ा था। उसे से मिली लिंक पर आदित्य को पकड़ा जा सका।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed