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पंजाब कांग्रेस में बदलाव की तैयारी, सचिन पायलट संभालेंगे संगठन की कमान

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच अब संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की अटकलों के बीच माना जा रहा है कि आज या अगले एक-दो दिन में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा हो सकती…

पंजाब कांग्रेस में बदलाव की तैयारी, सचिन पायलट संभालेंगे संगठन की कमान

चंडीगढ़.

पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच अब संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की अटकलों के बीच माना जा रहा है कि आज या अगले एक-दो दिन में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।

हाई कमान की ओर से सिंगल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला ले लिया गया है और इस संबंध में अमरिंदर सिंह को भी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

कांग्रेस संगठन में बदलाव की तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष बदलने के साथ ही पंजाब कांग्रेस संगठन में कई अन्य पदों पर भी फेरबदल किए जाने की संभावना है। हाईकमान 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन में क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ नई टीम के गठन पर भी नजर रहेगी। दरअसल, एक जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कमेटी का गठन किया था। इसके बाद पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए।

पंजाब कांग्रेस में दिखी गुटबाजी
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह और राणा गुरजीत सिंह समेत कई नेताओं ने संगठन से जुड़े फैसलों को लेकर असहमति जताई थी। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग भी लगातार चर्चा में रही। विवाद के बीच पंजाब कांग्रेस के तत्कालीन प्रभारी भूपेश बघेल को जिम्मेदारी से हटाया गया और पांच सितंबर को सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया।

सचिन पायलट ने की नेताओं से मुलाकात
पायलट ने इसके बाद पार्टी के विभिन्न गुटों के नेताओं से मुलाकात कर एकजुटता बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सके। अब वड़िंग के स्थान पर नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती सभी गुटों को साथ लेकर चलने की होगी। वहीं, वड़िंग को किसी दूसरे प्रदेश में संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा भी है। आने वाले दिनों में कार्यकारी अध्यक्षों और संगठन के अन्य पदों पर भी बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि हाईकमान पंजाब कांग्रेस की नई टीम में किन नेताओं को जगह देता है और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को किस तरह तैयार करता है।

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