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वन्यजीव सप्ताह में वन विहार में विभिन्न प्रतियोगिताएं, कार्यक्रम हुए

भोपाल  2 अक्टूबर को "जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास थीम पर आयोजित राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2026 के अवसर पर पक्षी अवलोकन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यूथ हास्टल, शासकीय नूतन एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के कुल 109 प्रतिभागियों ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का दर्शन किये। पक्षी अवलोकन के दौरान पक्षी प्रेमियों…

वन्यजीव सप्ताह में वन विहार में विभिन्न प्रतियोगिताएं, कार्यक्रम हुए

भोपाल 

2 अक्टूबर को "जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास थीम पर आयोजित राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2026 के अवसर पर पक्षी अवलोकन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यूथ हास्टल, शासकीय नूतन एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के कुल 109 प्रतिभागियों ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का दर्शन किये। पक्षी अवलोकन के दौरान पक्षी प्रेमियों को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार, आवास एवं पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर लगभग 54 पक्षी प्रजातियों का अवलोकन किया गया।

देखे गए प्रमुख पक्षियों में लिटिल कार्मोरेंट (Little Cormorant), इंडियन पैराडाइज फ्लाइकेचर (Indian Paradise Flycatcher), इंडियन रॉबिन (Indian Robin), प्लम हेडेड पैराकीट (Plum & headed Parakeet), स्पॉटेड डव (Spotted Dove), ब्लैक ड्रोंगो (Black Drongo), सहित अनेक अन्य प्रजातियाँ शामिल रहीं।

पक्षी अवलोकन में स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. संगीता राजगीर, मोहम्मद खलीक, गौरा जोशी (भोपाल बर्ड्स) एवं संकल्प किशनानी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को पक्षी अवलोकन की बारीकियों, पक्षियों की पहचान तथा उनके संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक द्वारा किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन एवं प्रकृति प्रेमियों में पक्षियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जैव विविधता के संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करना था। प्रतिभागियों ने इस गतिविधि में विशेष रुचि दिखाई और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव प्राप्त किया।

अन्य प्रतियोगिताएं एवं गतिविधियां

वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत दिनांक 02 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में जन-जागरूकता के उद्देश्य से "मध्यप्रदेश के वन्यजीव" विषय पर स्टोन पेंटिंग (खुला वर्ग) एवं वुडन टाइल पेंटिंग (खुला वर्ग) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें क्रमशः 65 एवं 116 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

इसी क्रम में "खजाने की खोज (खुला वर्ग) प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें 15 दल बनाये गये जिनमें 121 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

विद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक वन विहार में सृजनात्मक कार्यशाला एवं प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञ  संजय सोनकेशरिया द्वारा रंगीन कागज के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न पक्षियों, तितलियों एवं फूलों की आकृतियां बनाना सिखाया गया।  अरविन्द अनुपम, मूर्तिकार, क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय द्वारा क्ले मॉडलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को अजगर बनाना सिखाया गया। वहीं  पल्लवी तरमाकर द्वारा विद्यार्थियों को स्टोन पेंटिंग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। क्ले मॉडलिंग में 48, स्टोन पेंटिंग में 27 एवं पेपर क्राफ्ट में 15 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके साथ ही विद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए कहानी प्रतियोगिता (कक्षा 9 से 12) का आयोजन किया गया, जिसमें 17 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

3 अक्टूबर 2026 के कार्यक्रम

वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत दिनांक 03 अक्टूबर 2026 को वन विहार में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रातः 08:00 बजे से 09:30 बजे तक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए "वन विहार की आवाजें" कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक "जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास" विषय पर युवा संसद का आयोजन किया जाएगा। इसी विषय पर वन भवन में प्रातः 09:30 बजे से 11:30 बजे तक "स्टेंड फॉर वाइल्ड लाइफ" (खुला वर्ग) का आयोजन भी किया जाएगा। सभी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी हेतु नीचे दिये गये QR कोड को स्केन करें।

 

 

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