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नारी शक्ति सम्मेलन में CM भजनलाल का बड़ा ऐलान, महिलाओं को मिली करोड़ों की सौगात और योजनाओं का लाभ

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा ही नहीं बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार हैं। महिलाओं का सम्मान और सशक्तीकरण किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में हमेशा से नारी शक्ति का सम्मान रहा है और यहां तो कहा भी गया…

नारी शक्ति सम्मेलन में CM भजनलाल का बड़ा ऐलान, महिलाओं को मिली करोड़ों की सौगात और योजनाओं का लाभ

जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा ही नहीं बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार हैं। महिलाओं का सम्मान और सशक्तीकरण किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में हमेशा से नारी शक्ति का सम्मान रहा है और यहां तो कहा भी गया है कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं।  

मुख्यमंत्री शनिवार को यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां शक्ति, ज्ञान और समृद्धि की प्रतीक मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी के रूप में नारी शक्ति की पूजा की जाती है। भारत का इतिहास महिलाओं के साहस, वीरता, त्याग और बलिदान की अनगिनत गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की सफलता की कहानियों में संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और संकल्प की वह शक्ति दिखाई देती है, जो किसी भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।

उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के कुशल प्रशासन, न्याय-परायणता एवं कल्याणकारी कार्यों का आज भी गुणगान किया जाता है। रानी लक्ष्मीबाई का साहस, मातृभूमि के लिए उनका बलिदान, आज भी हम सभी देशवासियों के हृदय में प्रेरणा का दीप जलाता है। वहीं, सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा की ज्योति जलाई, उसका प्रकाश आज देश के कोने-कोने को आलोकित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की अनेक नारियों ने त्याग, समर्पण, भक्ति और बलिदान की मिसाल कायम की हैं। भक्त शिरोमणि मीराबाई ने कृष्ण-भक्ति और आध्यात्मिक साधना से राजस्थान की धरती को गौरवान्वित किया और पन्नाधाय ने अपने पुत्र का बलिदान देकर स्वामीभक्ति एवं कर्तव्यनिष्ठा का दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं, हाड़ी रानी ने मातृभूमि की रक्षा और अपने कर्तव्य के लिए अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय दिया तथा वीर बाला कालीबाई ने अपने गुरु की रक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान देकर गुरु भक्ति की अमर गाथा लिखी। उन्होंने कहा कि अमृता देवी ने प्रकृति और वृक्षों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल कायम की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि माताएं, बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में महिला सशक्तीकरण की दिशा में नई सोच और संकल्प के साथ अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को आसान बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा मिल रही है तथा लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण पहल की गई।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले पौने तीन साल में महिलाओं के कल्याण के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये की गई है। मा वाउचर योजना के तहत सोनोग्राफी के लिए 5 लाख 74 हजार कूपन जारी किए जा चुके हैं तथा पात्र परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 लाख 85 हजार साइकिलों एवं कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना एवं देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत लगभग 46 हजार स्कूटियों का वितरण किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनर्स को 8 हजार 866 करोड़ रुपए की पेंशन राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों को बालिकाओं के जन्म पर डेढ़ लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं और साथिनों के मानदेय में पिछले तीन वर्षों में हर वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। राज्य की 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को हर माह 12 सैनेटरी नैपकिन निशुल्क दिए जा रहे हैं। वहीं, लखपति दीदी योजना के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी का प्रशिक्षण प्रदान कर लगभग 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की प्रतिबद्धता, परिश्रम और सामूहिक शक्ति राजस्थान को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध राज्य बनाएगी तथा उनकी सक्रिय भागीदारी ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित राजस्थान का संकल्प साकार करने की शक्ति बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं प्रदेश की महिलाओं में नया आत्मविश्वास और जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विभिन्न लाभार्थी महिलाओं से संवाद किया और योजनाओं के लाभ से उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री ने राजीविका की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री लाभार्थी महिलाओं के बीच पहुंचे और आत्मीयतापूर्ण बातचीत की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, महेन्द्रपाल मीणा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही तथा वीसी के जरिए सभी जिलों से भी महिलाएं जुड़ीं। इस कार्यक्रम से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी वीसी के जरिए जुड़े।

मुख्यमंत्री की लाभार्थियों को बड़ी सौगातें
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एनएचएम के तहत 60 एम्बुलेंस, 9 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर तथा 185 ऑटो टिपर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा लखपति दीदियों को स्कूटी की चाबी वितरित की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को मकानों की चाबी एवं 27 हजार से अधिक लाभार्थियों को 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी की। वहीं, 29 हजार 222 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना में 8.79 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने दिए विभिन्न योजनाओं के चेक
मुख्यमंत्री ने राजस्थान महिला निधि के तहत मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के अंतर्गत 3 हजार 274 लखपति दीदियों को 25 करोड़ रुपये तथा वित्तीय समावेशन के तहत 2 हजार 823 स्वयं सहायता समूहों को 93 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। उन्होंने एसएचजी समूह की महिलाओं को इससे संबंधित प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इसी प्रकार 3 हजार 300 एसएचजी को 25 करोड़ रुपये की आजीविका संवर्धन राशि से लाभांवित किया।

 

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