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बिहार में बाढ़ से हाहाकार! गंडक समेत कई नदियां उफान पर, 20 की मौत; 19 टीमें राहत-बचाव में जुटीं

पटना बिहार में बाढ़ की स्थिति और भयानक होती जा रही है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत अन्य नदियों के रौद्र रूप से छह जिलों पूर्वी-पश्चिम चंपारण के अलावा सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। विशेषकर गंडक अब भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर…

बिहार में बाढ़ से हाहाकार! गंडक समेत कई नदियां उफान पर, 20 की मौत; 19 टीमें राहत-बचाव में जुटीं

पटना
बिहार में बाढ़ की स्थिति और भयानक होती जा रही है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत अन्य नदियों के रौद्र रूप से छह जिलों पूर्वी-पश्चिम चंपारण के अलावा सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। विशेषकर गंडक अब भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि नदियों के जलस्तर में कमी हो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि बाढ़ पीड़ितों को जल्द राहत मिलने की गुंजाइश कम है। उधर, राज्य में बाढ़ के पानी में डूबने से 20 लोगों की मौत हो गई। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, सारण के पानापुर और मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंधों से फैला हुआ पानी पानापुर, करचौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर, परसा से होते हुए आगे बढ़ रहा है, जो दरियापुर प्रखंड के हरदिया चौर में जमा होगा।

⁠हरदिया चौर से अतिरिक्त जल मुगल कैनाल के रास्‍ते गंगा नदी तथा नेऊरा और काकरा नाले से गंडक नदी में प्रवाहित होगा। ⁠वर्तमान में संभावित अतिरिक्त जलप्‍लावन क्षेत्र 22617 हेक्‍टेयर है। प्रभावित तटबंधों की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से रात में विशेष पेट्रोलिंग शुरू की गई है। गोपालगंज को पूर्वी चंपारण, गोपालगंज एवं सारण जिलों को जोड़ने वाली राम-जानकी पथ पर शुक्रवार को तीन फीट से अधिक बाढ़ का पानी बह रहा है। फैजुल्लाहपुर से शीतलपुर जमींदारी बांध तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क डूबी हुई है।

इसी तरह, पश्चिम चंपारण के गोलाघाट में टूटे चंपारण तटबंध से गंडक का पानी हरपुरवा होकर चंद्रावत में गिरने से बेतिया, बैरिया और नौतन में पानी फैल रहा है। शुक्रवार को पइन काटने के बाद तेज बहाव में बघमम्बरपुर के नीमुईया कुंड के पास पुलिया ध्वस्त हो गई, जिससे पुजहा-बेतिया मार्ग और करीब 50 गांवों का संपर्क कट गया। बैरिया-नौतन में सैकड़ों एकड़ फसल डूबी है और फुलियाखांड़ के सामने करीब 20 हजार लोग प्रभावित हैं। पूर्वी चंपारण के नवादा में दो फीट तथा केसरिया के मझरिया, कढान समेत तीन गांवों में पांच फीट पानी है। मुजफ्फरपुर में गंडक रेवा घाट पर 56 सेमी ऊपर, जबकि बूढ़ी गंडक कांटी में खतरे के निशान से 1.05 मीटर ऊपर है। समस्तीपुर में गंगा सरारी में 45.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर है और मोहिउद्दीननगर के कई गांवों व विद्यालयों में पानी पहुंच गया है

सारण में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की 19 टीमें तैनात
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित सारण जिले में अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भेजी जा रही हैं। सारण में पहले से एनडीआरएफ की पांच तथा एसडीआरएफ की तीन टीम तैनात हैं। स्थिति की भयावहता को देखते हुए बेतिया से एनडीआरएफ की तीन, गोपालगंज से दो, भागलपुर से दो और सुपौल से एक अतिरिक्त टीम सारण भेजी जा रही है। मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की चार टीमें सारण भेजी गई हैं। इस प्रकार सारण में एनडीआरएफ की कुल 12 तथा एसडीआरएफ की सात टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है।

वायुसेना जवान पहुंचा रहे सूखा राशन
सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अब तक 3000 से अधिक राशन पैकेट गिराए जा चुके हैं। शाम तक 5000 और राशन पैकेट गिराए गए। पटना से 10 हजार, सीवान से 15 हजार, भोजपुर-बक्सर और वैशाली से पांच-पांच हजार पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रकार विभिन्न जिलों से कुल 40000 राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं। विभिन्न जिलों से कुल 75000 पॉलिथीन शीट सारण भेजी जा रही हैं। विभाग ने आपातकालीन स्थिति मे राज्य के आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क करने को कहा है।

बिहार में डूबने से दो सगी बहनों समेत 20 की मौत
बिहार के आठ जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से शुक्रवार को दो सगी बहनों समेत 20 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक पूर्वी चंपारण जिले में आठ की जान चली गई। सारण में बाढ़ के पानी में डूबकर चार की मौत हो गई, जबकि सात लोग लापता हैं। सीतामढ़ी भी दो बच्चों ने जान गंवा दी। बक्सर के सिमरी प्रखंड में एक किशोर और एक किशोरी की गंगा में डूबने से मौत हो गई। वहीं, गोपालगंज के रामनगर में बाढ़ के पानी में डूबने से बच्चे की मौत हो गई। वहीं, इसी तरह नालंदा के मानपुर गांव में सकरी नदी में डूबने से बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा मधुबनी-समस्तीपुर में भी एक-एक की मौत हो गई।

गोपालगंज में शीतलपुर में बांध टूटने पर तीन अभियंता हटाए गए
गोपालगंज जिले में शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग ने कार्यपालक अभियंता समेत तीन अभियंताओं को हटा दिया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल और सहायक अभियंता जावेद अंसारी को पटना मुख्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है। उनकी जगह नए अभियंताओं की तैनाती की गई है। विभाग के अनुसार प्रमोद कुमार को नया कार्यपालक अभियंता और रमण रणधीर वर्मा को सहायक अभियंता बनाया गया है।

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