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पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में आरोप किए खारिज

गुना  मध्य प्रदेश में गुना से पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप लगा था. जिस पर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में सुनवाई चल रही थी. सालों से चल रहे इस मामले में हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा को सभी…

पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में आरोप किए खारिज

गुना
 मध्य प्रदेश में गुना से पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप लगा था. जिस पर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में सुनवाई चल रही थी. सालों से चल रहे इस मामले में हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है. कोर्ट में यह साबित नहीं हो पाया है कि पूर्व विधायक ने कूटरचित दस्तावेज बनवाए थे। 

राजेंद्र सिंह सलूजा पर फर्जी जाति प्रमाण का आरोप
बता दे की राजेंद्र सिंह सलूजा द्वारा गुना विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उनकी जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी. जिसमें कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सलूजा सामान्य वर्ग से आते हैं, उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र का उपयोग किया है. जांच के बाद 2011 को उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया था. पत्रकार कोमल प्रसाद शाक्य ने कोर्ट में एफआईआर के लिए प्राइवेट इस्तगासा लगाया था. (जब पुलिस कोई एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो सीधे न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक निजी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. जिसे कानून की भाषा में इस्तगासा कहा जाता है। 

ग्वालियर हाईकोर्ट ने आरोपों से किया बरी
उस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने राजेंद्र सिंह सलूजा, उनके पिता अमरीक सिंह सलूजा, किरण जैन और हरवीर सिंह पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 120B के तहत मामला संज्ञान में लिया था. इसमें निचली अदालत से अग्रिम जमानत हो गई थी. इसके बाद कोमल प्रसाद शाक्य सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2025 में आदेश दिया था कि हाईकोर्ट एक साल में इस मामले में फैसला ले. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ग्वालियर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. जहां बुधवार को कोर्ट ने मामले में चारों आरोपियों को बरी कर दिया है। 

सालों चला कोर्ट में केस, राजेंद्र सलूजा ने जताई खुशी
राजेंद्र सिंह सलूजा ने जाति प्रमाण पत्र रद्द होने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. 2012 में याचिका कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी. इसके बाद रिव्यू पिटीशन भी 2013 में खारिज हो गई थी. हालांकि वह पहले ही 5 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके थे. मामले में ईटीवी भारत से फोन पर चर्चा में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा ने बताया कि "सब टेकरी सरकार की कृपा और आशीर्वाद है. मैं न्यायालय के आदेशों का सम्मान करता हूं। यह सब जनता का आशीर्वाद है. टेकरी सरकार ने आज तक मेरे को एक कांटा भी नहीं लगने दिया. गुना जिले की जनता का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं. जो मेरे बुरे समय भी मेरे साथ खड़ी रही. बता दें पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा गुना के प्रसिद्ध हनुमान टेकरी मंदिर बालाजी के परम भक्त माने जाते हैं। 

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