नेपाल में भोटेकोशी के बाद बूढ़ी गंडकी नदी का कहर, बाढ़ से तबाही की 5 अहम बातें

काठमांडू नेपाल एक बार फिर बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है। इस बार बाढ़ रविवार तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में आई। बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने गोरखा जिले के चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ में घर, पुल और एक हाइड्रोपावर प्लांट बह गया है। कई गांव डूब…

नेपाल में भोटेकोशी के बाद बूढ़ी गंडकी नदी का कहर, बाढ़ से तबाही की 5 अहम बातें

काठमांडू
नेपाल एक बार फिर बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है। इस बार बाढ़ रविवार तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में आई। बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने गोरखा जिले के चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ में घर, पुल और एक हाइड्रोपावर प्लांट बह गया है। कई गांव डूब गए हैं और बड़ी संख्या में घर बहे हैं। लोगों को बचाने का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है। यह चंद हफ्तों पहले भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के दूसरी घटना है। भोटेकोशी नदी बाढ़ में लगभग 2000 लोगों की मौतों की पुष्टि हुई है और 6000 से ज्यादा लोग लापता हैं। ऐसी आशंका है कि उन लोगों की भी मौत हो चुकी है।

1- नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान अनुभाग ने रविवार को कहा कि भूस्खलन के कारण एक सहायक नदी का मार्ग अवरुद्ध हो जाने से बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आने की संभावना है। इस विभाग के जलविज्ञानी बिनोद पराजुली ने बताया कि उपग्रह चित्रों में गोरखा जिले के चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के चुमचेत के पास एक बड़ा भूस्खलन दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि यह भूस्खलन शनिवार को हुआ था। पराजुली ने कांतिपुर को बताया, “हम उपग्रह चित्रों का अध्ययन कर रहे हैं। चुमचेत के आसपास एक बड़ा भूस्खलन दिखाई दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह कल हुआ था। संभवतः यह बाढ़ तब आई जब बूढ़ी गंडकी की एक अवरुद्ध सहायक नदी ने अचानक पानी छोड़ दिया।”

2- अधिकारियों को संदेह है कि भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी उंगेलिंग का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है। जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, नदी का प्रवाह लगातार घट-बढ़ रहा है। जलस्तर खतरे की सीमा से ऊपर है और इसमें लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिसके चलते त्रिशुली नदी का बेनीघाट तक का निचला इलाका बाढ़ के अत्यधिक खतरे में है। अधिकारियों ने मुग्लिंग के आसपास और चितवन और नवलपरासी जिलों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है।

3- काठमांडू पोस्ट के अनुसार, चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के प्रशासनिक प्रमुख नारायण प्रसाद सपकोटा के अनुसार, रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में आई अचानक बाढ़ ने जगत बागर, सल्लेरी और घट्टीखोला में अनुमानित 35 से 40 घरों को बहा दिया। बाढ़ में न्याकचेत और सिरदिबास तथा माछखोला और केराउजा को जोड़ने वाले पैदल पुल बह गए। आरुघाट ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 2 और 3 को जोड़ने वाला सोती स्थित लोहे का मोटर-योग्य पुल भी नष्ट हो गया, साथ ही गोरखा और धाडिंग जिलों को जोड़ने वाला आरुघाट का पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। गृह मंत्री सूदान गुरुंग ने न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाले एक पुल को हुए नुकसान की भी जानकारी दी है।

4- बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ के कारण कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई घरों के बहने से उनके अंदर मौजूद लोग भी लापता हुए हैं। नेपाली सेना हेलीकॉप्टर से लोगों को बचाने का काम कर रही है। सड़कों और पुलों के टूट जाने के कारण बड़े इलाके में राहत और बचाव कार्य जमीनी स्तर पर चालू नहीं हो सके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ का पैटर्न भी काफी अजीब था। कभी पानी का बहाव कम हो रहा था और कभी ज्यादा। पानी के साथ मलबा भी भारी मात्रा में आ रहा था। इस कारण निचले इलाके में मौजूद घरों और ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।

5- नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते अधिकारियों ने त्रिशुली नदी के किनारे बेनीघाट तक बाढ़ के अत्यधिक खतरे की चेतावनी दी है और मुग्लिंग, चितवन और नवलपरासी के आसपास के निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। सल्लेरी, चुमनुबरी-3 में निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बुढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना के स्थल पर बाढ़ के पानी में एक निर्माण शिविर और कुछ उपकरण बह गए।
प्रियेश मिश्र

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports