Delhi Protest News: जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटाने का फैसला, अब इन 3 जगहों पर हो सकेंगे आंदोलन

नई दिल्ली गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक प्रदर्शनों और धरनाओं के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाएगा। यह निर्णय दिल्ली पुलिस और केंद्रीकृत सुरक्षा बलों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समय-समय पर बढ़ते दंगों और सार्वजनिक असहमतियों को नियंत्रित करना है। इस व्यापक…

Delhi Protest News: जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटाने का फैसला, अब इन 3 जगहों पर हो सकेंगे आंदोलन

नई दिल्ली

गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक प्रदर्शनों और धरनाओं के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाएगा। यह निर्णय दिल्ली पुलिस और केंद्रीकृत सुरक्षा बलों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समय-समय पर बढ़ते दंगों और सार्वजनिक असहमतियों को नियंत्रित करना है। इस व्यापक कदम का मूल कारण सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियाँ हैं, विशेषकर त्योहारों और चुनावी समय में जंतर-मंतर के आसपास होने वाली कई घटनाओं के बाद। पिछले कुछ महीनों में जंतर-मंतर पर अलग-अलग समूहों और धारणा धारकों द्वारा कई बार प्रदर्शन एवं धरनाओं के प्रयास हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप से वातावरण में अशांति और मानवाधिकारों के उल्लंघन के डर के साथ जाथे हैं। इस तरह के मामलों में सुरक्षा बलों ने भी काफी जोखिम देखा था। 

इसके मद्देनज़र, गृह मंत्रालय ने एक विशेष समिति के तर्क और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से डिनोटिफाई करने का निर्णय लिया। नए प्रोटेस्ट साइट के रूप में दिल्ली पुलिस ने तीन स्थानों का चयन किया है: रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और केंद्रीय भवन परिसर ( CBD ग्राउंड)। इन स्थानों को चुनने के निर्णय का आधार भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा संरचना, और परिवहन पहुँच है। रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान मध्य दिल्ली के प्रमुख राजमार्गों के नजदीक हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए त्वरित हस्तक्षेप की सुविधा होगी। 

अब दिल्ली में इन 3 चुनिंदा जगहों पर ही हो सकेंगे प्रदर्शन

आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शहर की व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए और तय स्थानों को नोटिफाई किया है। अब दिल्ली में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन केवल इन्हीं तीन जगहों पर आयोजित किया जा सकेगा:

    रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली स्थित यह ऐतिहासिक मैदान बड़े स्तर की रैलियों, जनसभाओं और विशाल प्रदर्शनों के लिए मुख्य केंद्र रहेगा।
    निरंकारी ग्राउंड (बुराड़ी): उत्तर-पूर्वी दिल्ली का यह विशाल मैदान बड़े जनसमूह वाले आंदोलनों और किसानों या मजदूरों के लंबे धरनों के लिए आरक्षित किया गया है।
    सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा): पूर्वी दिल्ली में स्थित सीबीडी (Central Business District) ग्राउंड को भी अधिकृत प्रदर्शन स्थल के रूप में चुना गया है।

आयोजकों को लेनी होगी पूर्व अनुमति

नए नियमों के लागू होने के बाद अब बिना पूर्व अनुमति के दिल्ली के किसी भी अन्य स्थान पर इकट्ठा होना या प्रदर्शन करना कानूनन अपराध माना जाएगा। आयोजकों को अब नए तय किए गए तीन स्थलों में से किसी एक पर कार्यक्रम करने के लिए दिल्ली पुलिस प्रशासन से बाकायदा अनुमति लेनी होगी। इस फैसले के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह के अनाधिकृत जमावड़े को तुरंत रोका जा सके।

वहीं, CBD ग्राउंड भी व्यास के भीतर स्थित है और उसे जोड़ने वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से अच्छी तरह सुसज्जित है। यह बदलाव सार्वजनिक संगठनों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक वैध और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा। गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति ने कहा कि इस कदम से शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहेगी और नागरिकों के कानूनी अधिकारों को नुकसान नहीं पहुँचने लगेगा। इस निर्णय के बाद सुझाव दिया गया कि सभी प्रोटेस्ट और आंदोलन गतिविधियों को इन निर्दिष्ट स्थानों पर ही सीमित रखा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना या अनियंत्रित परिस्थिति से बचा जा सके।

गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक प्रदर्शनों और धरनाओं के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाएगा। यह निर्णय दिल्ली पुलिस और केंद्रीकृत सुरक्षा बलों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समय-समय पर बढ़ते दंगों और सार्वजनिक असहमतियों को नियंत्रित करना है। इस व्यापक कदम का मूल कारण सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियाँ हैं, विशेषकर त्योहारों और चुनावी समय में जंतर-मंतर के आसपास होने वाली कई घटनाओं के बाद। 

पिछले कुछ महीनों में जंतर-मंतर पर अलग-अलग समूहों और धारणा धारकों द्वारा कई बार प्रदर्शन एवं धरनाओं के प्रयास हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप से वातावरण में अशांति और मानवाधिकारों के उल्लंघन के डर के साथ जाथे हैं। इस तरह के मामलों में सुरक्षा बलों ने भी काफी जोखिम देखा था। इसके मद्देनज़र, गृह मंत्रालय ने एक विशेष समिति के तर्क और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से डिनोटिफाई करने का निर्णय लिया।

 नए प्रोटेस्ट साइट के रूप में दिल्ली पुलिस ने तीन स्थानों का चयन किया है: रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और केंद्रीय भवन परिसर (CBD ग्राउंड)। इन स्थानों को चुनने के निर्णय का आधार भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा संरचना, और परिवहन पहुँच है। रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान मध्य दिल्ली के प्रमुख राजमार्गों के नजदीक हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए त्वरित हस्तक्षेप की सुविधा होगी। वहीं, CBD ग्राउंड भी व्यास के भीतर स्थित है और उसे जोड़ने वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से अच्छी तरह सुसज्जित है। यह बदलाव सार्वजनिक संगठनों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक वैध और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा। 

गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति ने कहा कि इस कदम से शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहेगी और नागरिकों के कानूनी अधिकारों को नुकसान नहीं पहुँचने लगेगा। इस निर्णय के बाद सुझाव दिया गया कि सभी प्रोटेस्ट और आंदोलन गतिविधियों को इन निर्दिष्ट स्थानों पर ही सीमित रखा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना या अनियंत्रित परिस्थिति से बचा जा सके।

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