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MP Weather: दिन में गर्मी, रात में ठंडक; चक्रवाती सिस्टम का असर जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव का दौर जारी है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में बूंदाबांदी हुई और कई जगह बादल छाए रहे। IMD भोपाल के मुताबिक जल्द ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर खत्म हो जाएगा। इसके बाद रात में ठंड बढ़ेगी, जबकि पूरे अक्टूबर दिन में गर्मी का असर…

MP Weather: दिन में गर्मी, रात में ठंडक; चक्रवाती सिस्टम का असर जारी

भोपाल
मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव का दौर जारी है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में बूंदाबांदी हुई और कई जगह बादल छाए रहे। IMD भोपाल के मुताबिक जल्द ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर खत्म हो जाएगा। इसके बाद रात में ठंड बढ़ेगी, जबकि पूरे अक्टूबर दिन में गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर से रात में ठंड बढ़ने का अनुमान जताया है। इससे पहले बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में मौसम बदला रहा।

नए सिस्टम तक खुला रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है और चक्रवात भी एक्टिव है। यदि इनका आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश पर असर रहा तो बारिश हो सकती है। फिलहाल अगले 3 दिन तक बारिश का अनुमान नहीं है। नए सिस्टम के आने तक मौसम खुला रहने की संभावना है।

एक साथ लौटा मानसून, 100 दिन रहा एक्टिव
प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर शुरू हो गया। शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिलने लगी। वहीं रात में ठंडक है और कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा।

इस साल सामान्य से कम हुई बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून यानी जून से सितंबर के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में 1.5 इंच कम है। ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 4 प्रतिशत ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा 4 प्रतिशत ज्यादा है।

बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

इन 25 जिलों में कोटा फुल
भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

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