,

MP Nagar Nikay Election 2027: वार्डों की सीमाएं बदलने की हलचल, इटारसी में पार्षदों का चुनावी गणित बदलने के आसार

इटारसी  मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव बीएस जामोद द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को 31 अक्टूबर 2026 तक नगरीय निकायों की सीमावृद्धि, वार्डों का पुनर्गठन, परिसीमन,…

MP Nagar Nikay Election 2027: वार्डों की सीमाएं बदलने की हलचल, इटारसी में पार्षदों का चुनावी गणित बदलने के आसार

इटारसी 
मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव बीएस जामोद द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को 31 अक्टूबर 2026 तक नगरीय निकायों की सीमावृद्धि, वार्डों का पुनर्गठन, परिसीमन, नवीन निकायों/ नगर निगम गठन के पूर्ण प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद इटारसी नगरपालिका के वार्डों में हलचल शुरू हो गई है। हालांकि निकायों की सीमावृद्धि और वार्ड परिसीमन का निर्णय स्थानीय निकायों को ही लेना है। वे प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे, तभी शासन कोई निर्णय ले पाएगा।

राजनीतिक नफा-नुकसान
इटारसी शहर के बाजार क्षेत्र में भाजपा का मजबूत गढ़ है। पुरानी इटारसी, नाला मोहल्ला और गरीबी लाइन के अलावा पीपल मोहल्ला क्षेत्र में कांग्रेस का जनाधार भी असरदार है। वार्डों की सीमाओं का यदि पुनर्गठन (Delimitation) किया गया तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। जिसका असर नतीजों पर दिखने की उम्मीद है। इसके अलावा वार्ड बड़े और अधिक मतदाता होने की वजह से उन वार्डों में भाग्य आजमा रहे उम्मीदवारों को प्रचार-प्रसार में अधिक समय लगता है। कई बार तो वे दूसरी दफा कुछ क्षेत्रों के मतदाताओं तक संपर्क भी नहीं कर पाते हैं।

क्यों जरूरी है वार्डों का परिसीमन?
निकायों में कुछ वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाता ज्यादा हैं। भौगोलिक क्षेत्र भी बड़ा है। कुछ वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाता कम हैं। भौगोलिक क्षेत्र भी छोटा है। ऐसे में इन वार्डों में विकास कार्य प्रभावित होते हैं। बड़े क्षेत्र के जनप्रतिनिधि को अतिरिक्त मेहनत करनी होती है। उदाहरण के तौर पर शहर के 34 वार्डों में सबसे कम वोटर वाले वार्ड 8 (मतदाता 1070), वार्ड 14 (मतदाता 1053), वार्ड 32 (मतदाता 1170) हैं। इसके अलावा सबसे अधिक मतदाता वाले वार्ड 2 (मतदाता 3494), वार्ड 21 (मतदाता 3439) हैं। मतदाता संख्या के इन्हीं अंतरों को शासन ठीक कर लगभग बराबर पर लाना चाहता है।

वार्ड परिसीमन व आरक्षण का पेंच
पूर्व वरिष्ठ पार्षद व अधिवक्ता यज्ञदत्त गौर का कहना है कि मप्र नगरपालिका (वाडों का विस्तार) नियम, 1994 के तहत सीमाओं के पुनर्गठन के बाद नए सिरे से एसटी, एससी, ओबीसी, महिला आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। सीमावृद्धि और वाडों के पुनर्गठन से कई वर्तमान पार्षदों के पारंपरिक वाडों की सीमाएं बदल जाएंगी। कुछ सीटें आरक्षित हो सकती हैं। ऐसे में कई स्थापित नेताओं को नए वाडों की तलाश करनी पड़ेगी। मौजूदा जनप्रतिनिधि ऐसे बदलावों से डरते हैं।

निकायों से मांगे गए है प्रस्ताव- सीएमओ
वार्डों के परिसीमन के लिए शासन ने नगरीय निकायों से प्रस्ताव मांगे हैं। इटारसी नगरपालिका में इसकी आवश्यकता है या नहीं। इस संबंध में परिषद की बैठक बुलाकर निर्णय लिया जाएगा।- सुरेखा जाटव, सीएमओ नपा

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports