IMF ने फिर जताया भारत की इकोनॉमी पर भरोसा, GDP ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी के बाद आई नई टिप्पणी

नई दिल्ली भारत रुकने वाला नहीं है और इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार का लोहा दुनियाभर की एजेंसियों ने माना है. हाल ही में भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने बड़ा इजाफा किया था और अब अपने इस फैसले को सही ठहराते हुए भारत की इकोनॉमी की तारीफ की है.…

IMF ने फिर जताया भारत की इकोनॉमी पर भरोसा, GDP ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी के बाद आई नई टिप्पणी

नई दिल्ली
भारत रुकने वाला नहीं है और इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार का लोहा दुनियाभर की एजेंसियों ने माना है. हाल ही में भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने बड़ा इजाफा किया था और अब अपने इस फैसले को सही ठहराते हुए भारत की इकोनॉमी की तारीफ की है. IMF ने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार बरकरार है और ये तमाम ग्लोबल टेंशन के बीच भी 7% की रफ्तार से ग्रोथ करेगी। 

वैश्विक निकायस ने कहा है कि दुनिया में ऊर्जा संकट और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है और इसकी आर्थिक वृद्धि पर पूरा भरोसा है. IMF ने भारत की आर्थिक नीतियों, राजकोषीय सावधानी और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों में किए गए हालिया बदलावों की भी तारीफ की है। 

भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान क्यों बढ़ा?
IMF के एशिया और प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन ने 15 अक्टूबर को बैंकॉक में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत मौजूदा वैश्विक संकट में मजबूत आर्थिक बुनियाद और राजकोषीय सावधानी के साथ उतरा है. उनके मुताबिक, भारत ने वैश्विक झटकों का अच्छी तरह सामना किया है। 

भारत की आर्थिक वृद्धि के बेहतर अनुमान के पीछे घरेलू डिमांड और सर्विस सेक्टर की अहम भूमिका है. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8% रही. इसके बाद 2026 के आर्थिक वृद्धि अनुमान में अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की गई। 

कैलेंडर वर्ष के आधार पर भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2026 में 7.4% और 2027 में 7% रहने का अनुमान है. वहीं, मध्यम अवधि में यह दर 6.9% के आसपास रह सकती है। 

'रुपये पर दबाव आर्थिक कमजोरी नहीं'
भारतीय रुपये पर दबाव को लेकर IMF ने अहम बात कही है. कृष्णा श्रीनिवासन के मुताबिक, रुपये पर दबाव और उतार-चढ़ाव को सीधे अर्थव्यवस्था की नाकामी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. इस पर वैश्विक ब्याज दरों, निवेशकों के जोखिम लेने की प्रवृत्ति और कच्चे तेल की कीमतों का भी असर पड़ता है। 

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश के आयात बिल और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है. इसके अलावा, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ऊंची ब्याज दरें भी पूंजी के प्रवाह और निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करती हैं। 

GDP के नए आंकड़ों पर IMF ने क्या कहा?
भारत में GDP के आंकड़ों में हाल में किए गए बदलावों पर भी IMF ने प्रतिक्रिया दी है. कृष्णा श्रीनिवासन ने इन बदलावों को IMF की सलाह और सांख्यिकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप बताया और संबंधित मंत्रालय की सराहना की। 

भारत की नई GDP सीरीज में 2022-23 को आधार वर्ष बनाया गया है. यह सीरीज IMF के 2017 के दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है. हालांकि, श्रीनिवासन ने यह भी माना कि राष्ट्रीय आय के आंकड़ों की गुणवत्ता और उन्हें तैयार करने की प्रक्रिया में आगे सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। 

घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र से मिल रहा सहारा
गौरतलब है कि IMF की 13 अक्टूबर को जारी अपनी रिपोर्ट में भारत को दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया था. इसमें कहा गया था कि मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र आर्थिक वृद्धि को सहारा दे रहे हैं. भारत के पक्ष में युवा आबादी, बड़ा घरेलू बाजार और लगातार हो रहे ढांचागत सुधार जैसे कारक भी काम कर रहे हैं. IMF ने इन वजहों से भारत को क्षेत्र की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले एक खास स्थिति में रखा है। 

एशिया की विकास दर में सुस्ती का अनुमान
जहां एक ओर आईएमएफ को भारत पर भरोसा है और इकोनॉमी की ग्रोथ संभावनाएं दिख रही हैं, वहीं इस बीच पूरे एशिया की अर्थव्यवस्था की रफ्तार कुछ धीमी पड़ने का अनुमान है. IMF के मुताबिक, एशिया की आर्थिक वृद्धि दर 2025 के 5% से घटकर 2026 में 4.8% और 2027 में 4.4% रह सकती है. इसके बावजूद एशिया की वृद्धि दर वैश्विक औसत से ऊपर रहने की संभावना है। 

कुल मिलाकर, IMF का अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की ओर इशारा करता है. हालांकि, वैश्विक ऊर्जा संकट, रुपये पर दबाव और रोजगार से जुड़ी चुनौतियों पर नजर रखना भी उतना ही जरूरी होगा। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports