,

पटना से दिल्ली का सफर होगा आसान? बुलेट ट्रेन के लिए बिहार के इन 6 शहरों में बन सकते हैं स्टेशन

पटना बिहार के लोगों के लिए आने वाले समय में हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी की बड़ी संभावना बन रही है। दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को पटना और आगे सिलीगुड़ी तक जोड़ने की योजना पर भी चर्चा है। प्रस्तावित विस्तार के तहत बिहार के कई प्रमुख शहरों में स्टेशन बनाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इस…

पटना से दिल्ली का सफर होगा आसान? बुलेट ट्रेन के लिए बिहार के इन 6 शहरों में बन सकते हैं स्टेशन

पटना
बिहार के लोगों के लिए आने वाले समय में हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी की बड़ी संभावना बन रही है। दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को पटना और आगे सिलीगुड़ी तक जोड़ने की योजना पर भी चर्चा है।

प्रस्तावित विस्तार के तहत बिहार के कई प्रमुख शहरों में स्टेशन बनाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इस विस्तार और इसके स्टेशनों को लेकर अंतिम मंजूरी तथा आधिकारिक समयसीमा की पुष्टि होना अभी बाकी है।

पटना से वाराणसी की दूरी सिमटकर 50 मिनट होने का दावा
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत वाराणसी से पटना का सफर करीब 50 मिनट में पूरा करने की बात कही जा रही है। फिलहाल इस दूरी को तय करने में ट्रेन के प्रकार और परिचालन के अनुसार अधिक समय लगता है।

हाईस्पीड रेल सेवा शुरू होने पर बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। इससे नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और दूसरे यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

बिहार के इन शहरों में बन सकते हैं बुलेट ट्रेन स्टेशन
दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर को आगे बढ़ाकर बिहार से जोड़ने के प्रस्ताव में कई शहरों को शामिल किए जाने की बात सामने आई है। संभावित स्टेशनों में बक्सर, आरा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया और कटिहार के नाम शामिल हैं।

अगर इस विस्तार को मंजूरी मिलती है, तो बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल इन स्टेशनों को प्रस्तावित योजना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

865 किलोमीटर का होगा दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 865 किलोमीटर बताई गई है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 1.21 लाख करोड़ रुपये है।

परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई है। मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण सहित अन्य कार्यों पर प्रगति निर्भर करेगी।

पटना से दिल्ली का सफर भी हो सकता है आसान
बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार से बिहार की राजधानी पटना को दिल्ली से तेज रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित योजना के तहत वाराणसी से दिल्ली की यात्रा करीब 3 घंटे 50 मिनट में पूरी होने का अनुमान है।

हालांकि, पटना से दिल्ली के बीच यात्रा का सटीक समय तभी स्पष्ट होगा, जब बिहार तक के रूट, स्टेशनों और परिचालन योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

लखनऊ, प्रयागराज और अयोध्या को भी जोड़ने की तैयारी
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के प्रस्तावित रूट में मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही जैसे शहर शामिल बताए गए हैं।

इसके अलावा लखनऊ से अयोध्या के लिए करीब 135 किलोमीटर लंबे लिंक का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इन कनेक्शनों से उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय कम करने की संभावना है।

डीपीआर, सर्वे और भूमि अधिग्रहण पर टिकी नजरें
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए तकनीकी समीक्षा, रूट निर्धारण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अहम होगी। रिपोर्ट के अनुसार, कॉरिडोर के लिए ग्राउंड और एरियल LiDAR सर्वे कराया जा चुका है।

अब आगे की प्रगति सरकारी मंजूरी और परियोजना से जुड़े अंतिम फैसलों पर निर्भर करेगी। बिहार के यात्रियों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि पटना तक बुलेट ट्रेन का विस्तार कब मंजूर होगा और निर्माण कार्य कब शुरू होगा।

बिहार के लिए क्या होगा फायदा?
अगर दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर का विस्तार पटना और आगे के शहरों तक होता है, तो इससे यात्रा समय घटने के साथ कारोबार, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को भी बढ़ावा मिल सकता है। लेकिन अभी प्रस्तावित रूट, स्टेशनों और यात्रा समय को अंतिम निर्णय के बाद ही निश्चित माना जा सकेगा।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports