भारत-न्यूजीलैंड ट्रेड डील का असर, शराब और कीवी समेत कई आयातित उत्पादों पर घटेगा टैक्स

नई दिल्‍ली भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड डील का ऐलान पहले ही किया जा चुका है, लेकिन अभी तक भातर की ओर से किन-किन वस्‍तुओं पर कितना टैक्‍स छूट होगा, इसके बारे में नोटिफाई जारी नहीं किया गया था. हालांकि, अब भारत ने न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत…

भारत-न्यूजीलैंड ट्रेड डील का असर, शराब और कीवी समेत कई आयातित उत्पादों पर घटेगा टैक्स

नई दिल्‍ली
भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड डील का ऐलान पहले ही किया जा चुका है, लेकिन अभी तक भातर की ओर से किन-किन वस्‍तुओं पर कितना टैक्‍स छूट होगा, इसके बारे में नोटिफाई जारी नहीं किया गया था. हालांकि, अब भारत ने न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क में पहली छूट की घोषणा कर दी है। 

इस ऐलान के साथ ही शराब, मनुका शहद, कीवी फल और भेड़ के मांस सहित अन्य उत्पादों पर रियायती दरें 20 अक्टूबर से लागू हो रही हैं. वित्त मंत्रालय की 16 अक्टूबर के नोटिफ‍िकेशन में कुछ खास वस्तुओं के लिए संशोधित मूल सीमा शुल्क और टैक्‍स रेट तय कर दी गई हैं. ये छूट नोटिफिकेशन में लिस्‍टेड उत्पादों, तय दरों और शर्तों के अधीन लागू होती हैं।  

भेड़ का मांस पर कोई शुल्‍क नहीं लगता 
नोटिफिकेशन के अनुसार, टैरिफ के तहत आने वाले ताजे, ठंडे और जमे हुए भेड़ के मांस पर शून्‍य टैरिफ, एग्रीकल्‍चर इंफ्रा एंड डेवलप टैक्‍स (AIDC) और हेल्‍थ टैक्‍स लगेगा. 2.50 डॉलर प्रति किलोग्राम या उससे अधिक कीमत के पात्र कीवी फलों के आयात पर 15% की दर से टैक्‍स लगेगा. यह छूट लागू उत्पाद क्‍लारिफिकेशन और आयात के लिए तय शर्तों के अधीन है. कई मछलियों पर टैक्‍स 25.71 फीसदी का लागू होगा, ज‍बकि एआईडीसी और स्वास्थ्य उपकर शून्य होंगे। 

हालांकि, लागू दर विभिन्न शुल्क श्रेणियों में भिन्न होती है, इसलिए उपलब्ध छूट आयातित उत्पाद के क्‍लियरिफिकेशन पर निर्भर करेगी. इस नोटिफिकेशन में आयात शुल्क को पूरी तरह से हटाने के बजाय कुछ खास टैरिफ और उपकरों से राहत दी गई है. आयातकों को हर खेप पर लागू दर जानने के लिए संबंधित टैरिफ की जांच करनी होगी। 

चुनिंदा उत्‍पादों को ही छूट 
इस नोटिफिकेशन में टैरिफ रेट कोटा का भी प्रावधान है, जिसके तहत चुनिंदा उत्‍पादों को ही भारत में रियायती दरों पर एंट्री की अनुमति दी गई है. आयातकों को खास प्रोडक्‍ट्स की जरूरतों को पूरा करना होगा और छूट के लिए पात्र होने के लिए न्‍यूजीलैंड बेसिक का प्रमाण पेश करना होगा. ये उपाय संवेदनशील क्षेत्रों के लिए छूट बरकरार रखते हुए चुनिंदा न्यूजीलैंड आयातों तक सीमित पहुंच प्रदान करते हैं. डेयरी उत्पाद और प्रमुख कृषि उत्पाद रियायतों से बाहर रहेंगे। 

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25(1) के तहत राजस्व विभाग द्वारा जारी 16 अक्टूबर की अधिसूचना में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के तहत सीमा शुल्क रियायतों के पहले सेट के लिए लागू दरें और शर्तें निर्धारित की गई हैं। 

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