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मुख्यमंत्री बोले- अपराधियों के बजाय पुलिस अधिकारियों पर हो जाती थी कार्रवाई

पहले अपराधियों को छूते ही सत्ता के गलियारों से आने लगते थे फोन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   पुलिस स्मृति दिवस पर रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित स्मृति परेड को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, छह बलिदानी जवानों को दी श्रद्धांजलि   बोले मुख्यमंत्री- अपराधियों के बजाय पुलिस अधिकारियों पर हो जाती थी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने…

मुख्यमंत्री बोले- अपराधियों के बजाय पुलिस अधिकारियों पर हो जाती थी कार्रवाई

पहले अपराधियों को छूते ही सत्ता के गलियारों से आने लगते थे फोन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
 
पुलिस स्मृति दिवस पर रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित स्मृति परेड को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, छह बलिदानी जवानों को दी श्रद्धांजलि
 
बोले मुख्यमंत्री- अपराधियों के बजाय पुलिस अधिकारियों पर हो जाती थी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा- थानों में बैठते थे इंस्पेक्टर लेकिन फैसले कहीं और से आते थे
 
आज हर अपराधी को पता है कि उत्तर प्रदेश में उसका आखिरी ठिकाना कहां है: मुख्यमंत्री योगी
 
बोले मुख्यमंत्री- 2012 से 2017 के बीच हुए 815 दंगे

मुख्यमंत्री ने कहा- आज दंगों का इतिहास किताबों में सिमटा

बोले मुख्यमंत्री- उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना यूपी
 
पुलिसकर्मियों को सौगात, मोटरसाइकिल भत्ता एक हजार, पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 15 हजार और सिम भत्ता 2500 रुपये
 
माफिया की 15 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त, पुलिस में 2.26 लाख से अधिक भर्तियां, 35 हजार पदों पर प्रक्रिया अंतिम चरण में
 
लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक दौर ऐसा था, जब पुलिस का थानेदार या एसपी भी किसी अपराधी पर हाथ डालने से पहले सोचता था। अपराधी को छूते ही सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे। कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो जाती थी। थानों में इंस्पेक्टर बैठते थे, लेकिन फैसले कहीं और से आते थे। अपराधी पुलिस की खुली जीप में ऑटोमेटिक हथियार लहराते थे और पुलिसकर्मी जंग लगी राइफल लेकर अपनी जान बचाने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार ने पुलिस के हाथों में पड़ी राजनीतिक बेड़ियां तोड़ दीं। अपराधियों और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। आज हर अपराधी को पता है कि उत्तर प्रदेश में उसका आखिरी ठिकाना कहां है।
 
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस-2026 पर आयोजित स्मृति परेड को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने परेड की सलामी ली और पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुछ ऋण कभी चुकाए नहीं जा सकते। शहीदों के प्रति राष्ट्र का ऋण भी ऐसा ही है। मंगलवार को जब पूरा देश विजयादशमी मना रहा था, तब पुलिसकर्मी सड़कों पर मुस्तैद रहकर लोगों की सुरक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों के तीन भत्तों में वृद्धि की घोषणा की।
 
मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्ते में वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी ने फील्ड ड्यूटी करने वाले उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 से बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6400 से बढ़ाकर 15 हजार रुपये और फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों व मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता दो हजार से बढ़ाकर 2500 रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख कैशलेस हेल्थ कार्ड बन चुके हैं।
 
815 दंगों से उपद्रव मुक्त उत्तर प्रदेश तक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए। इन दंगों में गरीबों की दुकानें जलीं, मजदूरों की दिहाड़ी छिनी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। मथुरा के जवाहर बाग कांड में पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव को प्राण गंवाने पड़े। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता था। पुलिस को हुक्मरानों के पालतू पशुओं को खोजने के लिए जंगलों में दौड़ाया जाता था। आज दंगों का इतिहास किताबों में सिमट गया है। उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बन चुका है।
 
माफिया की 15 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में माफिया की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। अपराधियों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं। प्रयागराज में ऐसी भूमि पर 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुलिसकर्मी कड़ाके की ठंड, तपती दोपहरी और भारी बारिश में सड़कों पर मुस्तैद रहते हैं। पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्ती नहीं की होती तो उद्योगपति उत्तर प्रदेश में निवेश करने नहीं आते।
 
माफिया की कब्र पर मातम मनाने वालों को शहीदों के बच्चों की चिंता नहीं
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि एनकाउंटर और जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल उठाने वाले वही लोग हैं, जो दुर्दांत माफिया और आतंकियों की मौत पर मातम मनाते हैं। उनकी कब्रों पर जाते हैं, लेकिन माफिया की गोलियों से शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों के आंसू पोंछने नहीं पहुंचते। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब व्यापारियों का अपहरण और बहन-बेटियों का अपमान होता था, तब भी इन लोगों को कोई संवेदना नहीं होती थी।
 
पुलिस में 2.26 लाख से अधिक भर्तियां
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश पुलिस में 2.26 लाख से अधिक भर्तियां हुई हैं। 35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या दस हजार से बढ़कर 45 हजार हो गई है। सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। कुशल खिलाड़ी योजना के तहत एक हजार पदक विजेता पुलिस बल का हिस्सा बने हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हर जिले में साइबर थाना और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित है। लखनऊ में माफिया से मुक्त भूमि पर आधुनिक फॉरेंसिक संस्थान बनाया गया है।
 
एसटीएफ और एटीएस की कार्रवाई से अपराधियों पर शिकंजा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एटीएस ने देवबंद से सीमावर्ती जिलों तक कमांड सेंटर स्थापित किए हैं। एसटीएफ ने पेपर लीक माफिया, जहरीली शराब के सौदागरों और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि बंद पीएसी कंपनियों को पुनर्जीवित करने के साथ वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और अवंती बाई लोधी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं। औपनिवेशिक कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं।
 
21 अक्टूबर से जुड़ी स्वाधीनता और बलिदान की गाथा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद सरकार की स्थापना की थी। इसी दिन वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में सीआरपीएफ के दस जवान चीनी सैनिकों के हमले का सामना करते हुए बलिदान हो गए थे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शहीदों के नाम केवल स्मारकों पर नहीं, राष्ट्र की नैतिक चेतना में अंकित होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया था। इसकी पहल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने की थी।
 
यूपी के छह पुलिसकर्मियों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीते एक वर्ष में देशभर के 154 पुलिसकर्मी शहीद हुए। इनमें उत्तर प्रदेश के उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, फायर सर्विस चालक शीशपाल सिंह और फायरमैन रोहित कुमार शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद अपराधियों के खिलाफ अभियानों में प्रदेश के 18 पुलिसकर्मी शहीद और 1953 घायल हुए हैं। शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को इस वर्ष मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक मिला है। शहीदों के आश्रितों को पुलिस सैलरी पैकेज के तहत 425 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।
 
छोटे अपराधों पर भी जीरो टॉलरेंस: डीजीपी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में अपराध नियंत्रण की दस प्राथमिकताओं पर काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूरे करने वाला देश का पहला विभाग बना है। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित है। इस वर्ष छह हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार हुए हैं और 26 कार्टेल ध्वस्त किए गए हैं।
 
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
समारोह में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, पीएसी के पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।

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